प्रतीक यादव की मौत की वजह बनी यह साइलेंट किलर बीमारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
'पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' के कारण थमीं प्रतीक की सांसें; पैर की नस से फेफड़ों तक पहुंचा था खून का थक्का, डॉक्टर बुलाने का भी नहीं मिला मौका।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने सबको स्तब्ध कर दिया है। अब उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें मौत की असल वजह का खुलासा हुआ है। छह डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने पाया कि प्रतीक की मृत्यु 'मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' (Massive Pulmonary Thromboembolism) के कारण हुई है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इस स्थिति में मरीज को संभलने या डॉक्टर को बुलाने तक का समय नहीं मिलता और शरीर अचानक 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' का शिकार हो जाता है।
क्या है पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म?
आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की किसी नस (अक्सर पैर की नस) में खून का थक्का (Blood Clot) बन जाता है। यह थक्का रक्त प्रवाह के साथ बहकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की मुख्य नस को ब्लॉक कर देता है। इसके परिणामस्वरूप:
-
फेफड़ों में ऑक्सीजन और रक्त की आपूर्ति अचानक रुक जाती है।
-
हृदय पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
-
कुछ ही मिनटों में दिल और फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। प्रतीक यादव के मामले में भी थक्का पैर की नस से फेफड़ों तक पहुंचने की बात सामने आई है।
किचन में बेसुध होकर गिरे थे प्रतीक
जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वे किचन में बेसुध होकर गिर पड़े। परिजनों ने तत्काल सिविल अस्पताल को सूचित किया। डॉक्टरों की टीम जब तक उनके आवास पर पहुँची, उनकी पल्स (धड़कन) नहीं मिल रही थी। अस्पताल ले जाने पर सुबह 5:55 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशानों पर सफाई
प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम करीब दो घंटे तक चला, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई। कुछ शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में शरीर पर चोट के निशानों की बात कही जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। डॉक्टरों की टीम ने स्पष्ट किया कि शरीर पर कोई बाहरी चोट का निशान नहीं था। जांच के लिए उनका दिल और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।