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यूपी में बिजली संकट: बढ़ती डिमांड के बीच 'विलेन' बने पावर प्लांट, कई-कई दिनों से ठप पड़ी हैं उत्पादन इकाइयाँ

यूपी में बिजली का हाहाकार: सिर्फ गर्मी नहीं, 'विलेन' बने पावर प्लांट! कई यूनिट्स दिनों से ठप, टूट रहे डिमांड के सारे रिकॉर्ड

 

लखनऊ/उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती लू की चपेट में है, जिससे राज्य में बिजली की मांग (Power Demand) अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। रात हो या दिन, बिजली की खपत में कोई कमी नहीं आ रही है। इस बीच, पूरे सूबे में अघोषित बिजली कटौती को लेकर जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस संकट की वजह सिर्फ हाई डिमांड या लोकल फॉल्ट नहीं है? भदैनी मिरर की पड़ताल में सामने आया है कि इस संकट के पीछे असली 'विलेन' वह सरकारी और निजी पावर प्लांट हैं, जिनसे पावर कॉर्पोरेशन का बिजली खरीद का करार है, लेकिन वे कई-कई दिनों से बंद पड़े हैं।

मांग ने तोड़ा पिछले साल का रिकॉर्ड, ऊर्जा मंत्री ने जताया गौरव

रविवार देर रात उत्तर प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग ने पिछले साल का भी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। रात 10 बजे के बाद राज्य में 31,774 मेगावॉट की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई, जबकि पिछले साल जून की उमस में यह आंकड़ा 31,486 मेगावॉट था।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बयान: "कोई माने या न माने, यूपी देश में सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य है। हमने अपना ही पिछला कीर्तिमान तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है और संभावना है कि यह जल्द ही 32 हजार मेगावॉट को पार कर जाएगा।"

सवालों के घेरे में मैनेजमेंट: क्यों बंद रहे पावर प्लांट?

एक तरफ 22 मई को इतिहास की सबसे बड़ी एकदिवसीय आपूर्ति (669 मिलियन यूनिट) की गई, तो दूसरी तरफ कई तापीय बिजली परियोजनाएं ठप रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, रखरखाव (Maintenance) में लापरवाही, खराब कोयला प्रबंधन और सिस्टम क्षमता के विस्तार में कमी के कारण उत्पादन इकाइयाँ बंद रहीं, जिसका खामियाजा ग्रामीण और शहरी जनता को भुगतना पड़ रहा है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा:

"पावर प्लांट के कई दिनों तक बंद रहने से हजारों मेगावॉट बिजली का नुकसान हुआ। यह सीधे तौर पर लापरवाही है। अगर ये प्लांट चालू होते, तो हमारी बिजली उपलब्धता ज्यादा होती और मांग का आंकड़ा इससे भी ऊपर जाता। उपभोक्ता परिषद मांग करता है कि बंद पड़ी सभी इकाइयों को तुरंत चालू किया जाए।"

रिपोर्ट कार्ड: जानिए कौन सा पावर प्लांट कितने दिन रहा बंद

बिजली संकट के दौरान उत्तर प्रदेश और बाहरी राज्यों के जिन प्रमुख प्लांटों में उत्पादन ठप रहा, उनकी सूची इस प्रकार है:

पावर प्लांट का नाम क्षमता (मेगावॉट) कितने दिन बंद रहा
घाटमपुर 660 MW 18 दिन
ललितपुर 660 MW 11 दिन
जेएसडब्ल्यू महानदी (केएसके) 1000 MW 10 दिन
ओबरा-बी 200 MW 9.5 दिन
ओबरा-सी 660 MW 8 दिन
अनपरा-डी 500 MW 6.5 दिन
जवाहरपुर 660 MW 4 दिन
अनपरा 210 MW 4 दिन
लैंको 600 MW 3 दिन
पारिछा 250 MW 3 दिन
खुर्जा 660 MW 1 दिन

ग्रामीण इलाकों में सबसे बुरा हाल

हजारों मेगावॉट बिजली का उत्पादन न होने की वजह से सबसे ज्यादा मार ग्रामीण और कस्बाई इलाकों पर पड़ रही है, जहां घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है। उपभोक्ता परिषद की मांग के बाद अब देखना यह होगा कि पावर कॉर्पोरेशन इन बंद पड़ी इकाइयों को कितनी जल्दी चालू करवा पाता है ताकि जनता को इस भीषण उमस और गर्मी में कुछ राहत मिल सके।