बिजनौर के मंदिर में छठवें दिन भी कुत्ता लगातार लगा रहा हनुमान और दुर्गा मूर्ति की परिक्रमा
कुत्त्ते की अजीबोगरीब हरकत देखने के लिए हजारों लोग पहुंचरहे नंदपुर गांव
कुत्ते की ‘भक्ति‘ देख एनिमल सेल्टर को लोग कर रहे स्वास्थ्य परीक्षण
बिजनौर। बिजनौर के नगीना के नंदपुर गांव में लगातार छह दिनों से हनुमानजी और माता दुर्गा की मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा कुत्ता अबतक तो लोगों के कौतुहल का विषय था लेकिन अब उसके स्वास्थ्य को लेकर लोग चिंतित हो गये हैं। बिजनौर के प्रेमपथ एनिमल शेल्टर की टीम कुत्ते का स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे खाना खिला रही है। पशु चिकित्सकों ने उसे शारीरिक रूप से स्वस्थ बताया है। लेकिन एमआरआई कराने की जरूरत बताई है। कुत्ते की हनुमानजी की परिक्रमा की खबर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अबतक हजारांे लोग मंदिर पहुंच चुके हैं। लोगों ने बताया कि पहले कुत्ता हनुमानजी की और अब दुर्गा माता मूर्ति की परिक्रमा कर रहा है।
कुत्ते के स्वास्थ्य की चिंता को देखते हुए बिजनौर के गांव पेदा से प्रेमपथ एनिमल सेल्टर की टीम ने नंदपुर पहुंच कर कुत्ते के स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी ले ली है। चार दिनों तक कुत्ते ने कुछ नही खाया लेकिन अब टीम स्वास्थ्य परीक्षण कर कुत्ते को खाना खिलाने का काम कर रही है। कुत्ते की यह अजीबोगरीब हरकत या भक्ति को देख ग्रामीणों में भी कुत्ते के प्रति सहानुभूति पैदा हो चुकी है। यहां पहुंचनेवाले लोगों की सेवा में दूध, खीर, हलवा आदि का भंडारा लगाया जा रहा है। नगीना-बढ़ापुर रोड स्थित गांव नंदपुर के नंदलाल देवता महाराज मंदिर मे हनुमान मूर्ति की परिक्रमा करने का क्रम छठवें दिन भी जारी रहा। कुत्ते को कुछ खिलाने-पिलाने की कोशिश होती है और इसके बाद फिर कुत्ता मूर्ति की परिक्रमा करने लग रहा है। कुत्ते के स्वास्थ्य की चिंता को देखते हुए बिजनौर के प्रेमपथ एनिमल सेल्टर से डा. संध्या रस्तोगी, डा. अश्वनी चित्रांश, विशाल ने टीम के साथ पहुंचकर अपना डेरा डाल दिया है और कुत्ते के स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी ले ली है।
टीम ने बताया कि वह बराबर कुत्ते का स्वास्थ्य परीक्षण कर थोड़ी-थोड़ी देर में कुत्ते को खाना खिला रहे हैं। वह मंदिर की परिक्रमा क्यों कर रहा है इसका कारण बता पाना सम्भव नही है। आपको बता दें कि पशु चिकित्साधिकारी डा. रजनीश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम भी कुत्ते का स्वास्थ्य परीक्षण कर चुकी है। चिकित्सक के अनुसार कुत्ता शारीरिक रूप से स्वस्थ है। रेबीज के लक्षण भी नहीं हैं। सही स्थिति का पता एमआरआइ के बाद ही चल सकेगा। कुत्ते की एमआरआइ करने की व्यवस्था जिले में नहीं है। इस स्थिति में कुत्ते को गाजियाबाद ले जाया जा सकता है।