UP News: निवाड़ी थाने में विजिलेंस का छापा, SHO जयपाल सिंह रावत 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मोदीनगर में केस से नाम हटाने के बदले मांगी गई थी रिश्वत, मेरठ विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित निवाड़ी थाना में मेरठ की विजिलेंस टीम ने छापा मारकर थाना प्रभारी (SHO) जयपाल सिंह रावत को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि रिश्वत लेते समय शुरुआत में थाना प्रभारी ने विजिलेंस टीम पर रौब दिखाने की कोशिश की, लेकिन सबूतों के सामने आने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
गांव अबूपुर निवासी राकेश कुमार ने मेरठ विजिलेंस टीम से शिकायत की थी कि एक मामले में उसका नाम हटाने के बदले निवाड़ी थाना प्रभारी उससे 50 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीओ आजाद सिंह केसरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
केमिकल लगे नोटों के साथ पकड़ा गया
योजना के तहत विजिलेंस टीम ने केमिकल लगे नोट राकेश कुमार को दिए और मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे उसे थाना प्रभारी के पास भेजा। जैसे ही राकेश ने SHO को पैसे सौंपे, मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने छापा मारकर उन्हें पकड़ लिया।
जांच के दौरान जब SHO के हाथ पानी से भरे जग में डलवाए गए, तो पानी का रंग लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
विजिलेंस टीम ने थाना प्रभारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार का नाम पोस्टर फाड़ने के एक मामले में दर्ज किया गया था। इसी केस से नाम हटाने के एवज में थाना प्रभारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का आरोप है।
इस संबंध में एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना मिली है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट होगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि जनवरी महीने में भी गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद महिला थाने की रिपोर्टिंग चौक पर तैनात एक महिला दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वह दरोगा गाजियाबाद में गठित यूपी पुलिस की पहली महिला एनकाउंटर टीम का हिस्सा भी रह चुकी थी।