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ऑनलाइन ठगी का नया ट्रेंड: ₹2000 से शुरू हुआ विदेशी नंबरों का खेल, व्हाट्सएप नंबरों की डिमांड सबसे तेज

टेलीग्राम पर खुलेआम हो रही है विदेशी व्हाट्सएप नंबरों और किराये के बैंक खातों की खरीद-फरोख्त, गोरखपुर जोन में 2650 संदिग्ध खाते फ्रीज।

 

गोरखपुर/वाराणसी (भदैनी मिरर): डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराधियों ने मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए एक नया और बेहद खतरनाक पैंतरा आजमाया है। अब टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विदेशी मोबाइल नंबरों और फर्जी 'म्यूल खातों' (Mule Accounts) की खुलेआम मंडी सज रही है।

साइबर ठग इन नंबरों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, वर्क फ्रॉम होम जॉब फ्रॉड और ओटीपी स्कैम जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, साइबर सेल की नजर अब इस पूरे सिंडिकेट पर टिक गई है और पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।

टेलीग्राम पर बिक रहे हैं अमेरिका और दुबई के नंबर, रेट कार्ड जानकर उड़ जाएंगे होश

साइबर जांच एजेंसियों की पड़ताल में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टेलीग्राम पर ऐसे दर्जनों ग्रुप एक्टिव हैं, जहां विदेशी नंबर ₹2,000 से लेकर ₹20,000 तक में बेचे जा रहे हैं।

  • नॉर्मल कॉलिंग नंबर: ये नंबर काफी सस्ते दामों में उपलब्ध हैं।

  • व्हाट्सएप एक्टिवेटेड विदेशी नंबर: इनकी कीमत सबसे ज्यादा वसूली जा रही है क्योंकि ठगों के लिए व्हाट्सएप के जरिए शिकार को फंसाना आसान होता है।

  • कौन-से देशों के नंबरों की मांग? अपराधियों को अमेरिका (USA), ब्रिटेन (UK), कनाडा, दुबई और नेपाल जैसे देशों के नंबर आसानी से डिलीवर किए जा रहे हैं।

ठगी का तरीका: इन विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर अपराधी खुद को किसी मल्टीनेशनल कंपनी का एचआर (HR), विदेशी बैंक का अधिकारी या अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी का अफसर बताकर लोगों पर रौब झाड़ते हैं और उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं।

क्या हैं 'म्यूल खाते' और कैसे हो रहा है इनका सौदा?

साइबर ठगी की रकम को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने के लिए अब 'म्यूल बैंक खातों' (किराये के खातों) का धंधा भी जोरों पर है।

  1. ठग गांव-देहात या गरीब तबके के जरूरतमंद लोगों को चंद रुपयों का लालच या कमीशन देकर उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाते हैं।

  2. कई बार एटीएम कार्ड और नेट बैंकिंग का क्रेडेंशियल खुद रख लेते हैं।

  3. अब ये फुल केवाईसी (KYC) वेरिफाइड खाते ऑनलाइन ₹20,000 से ₹50,000 तक में दूसरे बड़े अपराधियों को बेचे जा रहे हैं। कई बार तो असली खाताधारक को भनक तक नहीं होती कि उसके अकाउंट का इस्तेमाल देशविरोधी या ठगी के पैसों को रोटेट करने में हो रहा है।

पुलिस का बड़ा एक्शन: 2650 संदिग्ध खाते किए गए बंद

इस नए साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस और साइबर सेल ने सर्विलांस तेज कर दिया है।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?

गोरखपुर जोन के साइबर कमांडो उपेंद्र सिंह ने बताया कि:

"साइबर सेल लगातार ऐसे संदिग्ध डिजिटल नेटवर्क और टेलीग्राम चैनलों की निगरानी कर रही है। जोन स्तर पर अब तक करीब 2,650 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज (बंद) कराया जा चुका है, जिनमें करीब 400 विदेशी/बाहरी राज्यों के खाते भी शामिल हैं। दूसरे राज्यों के खातों और इन विदेशी नंबरों के इस्तेमाल की गहराई से जांच की जा रही है।"