यूपी में कुदरत का कहर: तेज आंधी और झमाझम बारिश से भारी तबाही, दीवार और पेड़ गिरने से 42 लोगों की मौत
अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में बिगड़े हालात; वाराणसी में 68 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट।
लखनऊ/वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और चक्रवाती तूफानी हवाओं ने भयंकर तबाही मचाई है। शुक्रवार रात से शनिवार तक राज्य के विभिन्न जिलों में पेड़, बिजली के पोल, कच्चे मकान और दीवारें ढहने से 42 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
तूफानी हवाओं के कारण हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ जाने से राज्य के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए आपात स्थिति में घरों के भीतर रहने की सख्त हिदायत और अलर्ट जारी किया है।
अवध क्षेत्र में सबसे ज्यादा तबाही: 23 लोगों की गई जान
बारिश और आंधी का सबसे भयावह असर अवध क्षेत्र में देखा गया, जहां अकेले 23 लोगों की जान चली गई:
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बहराइच (5 मौतें): तेज आंधी में पेड़ और दीवार गिरने से रिक्रूट सिपाही व एक बच्चे समेत 5 लोगों की मौत हुई। पूरे जिले में बिजली गुल होने से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई है।
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सीतापुर (4 मौतें): कच्चे मकान और दीवार ढहने से बुजुर्गों और बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई।
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अयोध्या (4 मौतें): रुदौली, अमानीगंज और मवई में पेड़ गिरने से 4 लोगों की जान चली गई। पूराकलंदर में कार पर विशालकाय पेड़ गिरने से आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए।
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बाराबंकी (3 मौतें): फतेहपुर, रामसनेहीघाट और मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र में पेड़ व दीवार गिरने से महिला समेत 3 लोगों की जान गई।
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बलरामपुर व गोंडा (2-2 मौतें): बलरामपुर में 72 घंटे से जारी बारिश से 11 घर धराशायी हो गए और 2 लोगों की मौत हुई। गोंडा में चलती बाइक पर पेड़ की डाल गिरने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
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अमेठी व श्रावस्ती (1-1 मौत): अमेठी में कच्ची दीवार व करंट से मौतें हुईं, जबकि श्रावस्ती में फूस के मकान पर विशाल गूलर का पेड़ गिरने से हादसा हुआ।
बुंदेलखंड और मध्य यूपी में 8 मौतें, पशुधन का भारी नुकसान
बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश में तीन दिनों से हो रही वर्षा से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। हमीरपुर में सर्वाधिक 3 लोगों की जान गई, जबकि महोबा, बांदा, हरदोई, औरैया और फतेहपुर में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई। उरई में एक स्लीपर बस पर पेड़ गिर गया, हालांकि यात्री बाल-बाल बच गए। हादसों में तीन दर्जन से अधिक मवेशियों की भी जान चली गई है।
वाराणसी में 68 किमी/घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं, 2 की मौत
धर्मनगरी वाराणसी में शुक्रवार रात से 68 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं आंधी जैसी हवाओं और 19.8 मिमी बारिश ने शहर से लेकर देहात तक व्यवस्था बिगाड़ दी।
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पेड़ और दीवार गिरने के अलग-अलग हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई।
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जगह-जगह पेड़, टहनियां और बिजली के तार टूटने से रातभर बिजली आपूर्ति ठप रही और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गोरखपुर-बस्ती मंडल व ब्रज क्षेत्र का हाल
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गोरखपुर-बस्ती मंडल (8 मौतें): गोरखपुर में पेड़ गिरने और करंट की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हुई। संतकबीरनगर और बस्ती में दीवार और पेड़ गिरने से 3 अन्य लोगों की जान चली गई।
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ब्रज क्षेत्र: मैनपुरी के दन्नाहार में मकान ढहने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि फिरोजाबाद, कासगंज और एटा में कई मकानों के लिंटर और टिनशेड उड़ गए।