लखनऊ के इटौंजा में बड़ा हादसा: मोहर्रम जुलूस के दौरान भरभराकर गिरा मकान का छज्जा, मलबे में दबकर दो मासूमों की मौत
महोना के पकरिया मोहल्ले में सबील (प्रसाद) बांटने के दौरान हुआ हादसा; छज्जे पर लोगों के लटकने से बढ़ा भार, 4 घायलों की हालत नाजुक
भदैनी मिरर, लखनऊ: राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाके इटौंजा से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की देर शाम मोहर्रम पर्व के दौरान सबील (शर्बत व अन्य सामग्री) बांटने के दौरान एक मकान का छज्जा अचानक भरभराकर ढह गया। इस भीषण हादसे के मलबे में दबकर दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में चार की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
सबील लेने की होड़ में छज्जे पर लटक गए लोग, बढ़ा ओवरलोड
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इटौंजा के महोना वार्ड संख्या नौ स्थित पकरिया मोहल्ले में शुक्रवार रात मुश्ताक अली और गुलजार अपने घर के छज्जे पर खड़े होकर सबील का वितरण कर रहे थे। वे नीचे से गुजर रहे लोगों को बालूशाही, कोल्डड्रिंक और बिस्कुट बांट रहे थे। इसी बीच वहाँ से मोहर्रम का जुलूस गुजरा। जुलूस में शामिल अकीदतमंद और राहगीर भी सबील लेने के लिए मुश्ताक के घर के पास इकट्ठा हो गए।
भीड़ अत्यधिक होने के कारण सबील लेने की होड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग सामग्री लेने के चक्कर में मकान के छज्जे को पकड़कर ऊपर की तरफ लटक गए। अचानक क्षमता से अधिक भार बढ़ने के कारण जर्जर छज्जा तेज आवाज के साथ सीधे नीचे आ गिरा। छज्जे पर खड़े लोग और नीचे खड़े राहगीर सीधे मलबे के नीचे दफन हो गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में अरमान और अली ने गंवाई जान, मोहल्ले में मातम
इस दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय अरमान और 13 वर्षीय अली की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं मोहम्मद हमजा, रुशदा, जियाउल, मन्ना, सना, अजमल, मोहम्मद हसीब, जियांग और मुश्ताक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही इटौंजा थाना पुलिस और पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) गोपाल कृष्ण चौधरी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकाला और तुरंत शौ-शय्या संयुक्त चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर भिजवाया।
बिना सुरक्षा बंदोबस्त के हो रहा था वितरण, आयोजकों की लापरवाही आई सामने
स्थानीय निवासियों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। मोहल्ले वालों का कहना है कि आयोजक मुश्ताक और उनके परिजनों ने सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया था। वे कमजोर और जर्जर छज्जे पर खड़े होकर बिस्कुट और कोल्डड्रिंक की बोतलें नीचे उछाल रहे थे, जिससे नीचे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। यदि सबील का वितरण नीचे चबूतरे पर खड़े होकर किया जाता, तो आज दो मासूमों की जान न जाती।
लापरवाही पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई: ACP बीकेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी (बीकेटी) विकास कुमार पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही के चलते हुआ है। कमजोर छज्जे पर भारी संख्या में खड़े होकर सबील बांटना पूरी तरह गलत था। पुलिस फिलहाल घायलों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है। घायलों और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।