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लखनऊ: LDA का जेई, सुपरवाइजर और बिचौलिया 7.50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

मकान निर्माण के बदले मांगी थी 15 लाख की घूस: IGRS शिकायत का डर दिखाकर धमकाने वाले LDA कर्मियों पर विजिलेंस का शिकंजा।

 

लखनऊ(भदैनी मिरर डेस्क): राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। गोमती नगर स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) कार्यालय में विजिलेंस की टीम ने जोन-5 में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE), सुपरवाइजर और उनके एक बिचौलिये को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एक पीड़ित से उसके निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई न करने के एवज में 15 लाख रुपये की मांग की थी।

IGRS शिकायत का डर दिखाकर मांगी थी 15 लाख की घूस

विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने मकान का निर्माण करा रहा था। इसी दौरान LDA जोन-5 के जेई दिनेश कुमार वर्मा उसके पास पहुंचे और मकान निर्माण रुकवाते हुए धमकी दी। जेई ने दावा किया कि मकान निर्माण को लेकर IGRS पोर्टल पर शिकायत मिली है। मामले को खत्म कराने के बहाने पीड़ित को एलडीए कार्यालय बुलाया गया।

कार्यालय में जेई दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने निर्माण कार्य जारी रखने और कार्रवाई से बचाने के बदले 15 लाख रुपये की मांग रखी। जब पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो सौदेबाजी के बाद मामला 7.50 लाख रुपये में तय हुआ।

रिश्वत वसूलने के लिए बाहरी बिचौलिया भी था शामिल

जांच में सामने आया कि जेई और सुपरवाइजर ने रिश्वत का लेनदेन संभालने के लिए बाहरी व्यक्ति श्रवण कुमार को बिचौलिये के रूप में जोड़ रखा था। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान (लखनऊ सेक्टर) में लिखित शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, रिश्वत मांगने से जुड़े ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य पुख्ता सबूत भी विजिलेंस को सौंपे।

विजिलेंस का जाल और रंगे हाथ गिरफ्तारी

शिकायत का सत्यापन कराने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपियों को दबोचने के लिए शनिवार को ट्रैप टीम गठित की। योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता तय की गई 7.50 लाख रुपये की पहली किश्त लेकर एलडीए कार्यालय पहुंचा।

जैसे ही जेई दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और बिचौलिये श्रवण कुमार ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, आसपास पहले से मौजूद विजिलेंस की टीम ने तीनों को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने आरोपियों के पास से रिश्वत के पूरे 7.50 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी

विजिलेंस टीम तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।