UP: नेपाल बॉर्डर से दबोचा गया डॉ. रमीज, महिला रेजीडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोपी
पुलिस को आरोपी के मोबाइल से मिले अहम साक्ष्य; कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया, माता-पिता पहले ही गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में केजीएमयू की महिला रेजीडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज को पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गिरफ्तार होने से पहले नेपाल में छिपकर रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल से कई अहम साक्ष्य मिले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने फोन से कई चैट डिलीट कर दी थीं। अब मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और डिलीट किए गए साक्ष्यों को रिकवर कर उनसे पूछताछ की जाएगी।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि रमीज को सिटी स्टेशन के पास उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया। वह कोर्ट में सरेंडर करने वाला था, लेकिन पुलिस की सर्विलांस टीम की मदद से उसे पकड़ने में सफलता मिली।
कोर्ट और जेल
रमीज को बलरामपुर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
पुलिस ने पहले ही रमीज के माता-पिता सलीमुद्दीन और खतीजा को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों पर धर्मांतरण कराने का आरोप है। पुलिस मामले में धर्मांतरण कराने वाले काजी और अन्य गवाहों की तलाश में जुटी हुई है।
मोबाइल से मिले साक्ष्य
छानबीन में यह पाया गया कि आरोपी ने अपने मोबाइल से कई चैट डिलीट कर दी थी। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच से डिलीट किए गए चैट रिकवर किए जाएंगे, और आरोपी से इस आधार पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस पूछताछ में डॉ. रमीज ने कहा कि वह बेगुनाह है और उसे न्यायपालिका पर भरोसा है। उसने प्रेम संबंध की बात कबूल की और कहा कि उसके माता-पिता की कोई गलती नहीं है।
पुलिस आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहन पूछताछ करेगी। पूरे मामले की जांच में अब गिरोह के अन्य सदस्य और सहयोगियों की पहचान की जाएगी।