Kanpur LLB Student Murder: कानपुर में 5 दिन से लापता एलएलबी छात्रा का सड़ा-गला शव रेलवे ट्रैक पर मिला
दबौली वेस्ट निवासी 23 वर्षीय रुचि पाल का झाड़ियों में मिला शव; परिजनों ने दोस्त ओमवीर पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी।
कानपुर (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के कानपुर में गोविंदनगर के दबौली वेस्ट इलाके से पिछले पांच दिनों से लापता एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा रुचि पाल उर्फ स्वाति (23 वर्ष) का सड़ा-गला शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। छात्रा का शव कानपुर-झांसी रेलवे ट्रैक के किनारे लगभग 15 फीट नीचे घनी झाड़ियों में पड़ा मिला। घटना से आक्रोशित परिजनों ने छात्रा के दोस्त पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
28 सितंबर से लापता थी छात्रा, चाचा को मिली चप्पल
दबौली वेस्ट निवासी विमल कुमार पाल, जो चाय की दुकान चलाते हैं, की 23 वर्षीय पुत्री रुचि पाल बीते 28 सितंबर की शाम को घर से निकली थी और उसके बाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार को रुचि के चाचा शैलेष रेलवे ट्रैक के किनारे खोजबीन कर रहे थे, तभी उन्हें पटरी के पास रुचि की चप्पल फंसी हुई मिली।
स्वजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची गोविंदनगर थाना पुलिस ने आसपास जब सघन जांच की, तो ट्रैक से 15 फीट नीचे झाड़ियों में रुचि का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
दोस्त पर हत्या का आरोप, परिजनों का पुलिस पर लापरवाही का आरोप
शव मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने रुचि के दोस्त ओमवीर यादव और उसके साथी पर बेटी की हत्या कर शव को झाड़ियों में छिपाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले ओमवीर को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया था, लेकिन बिना कड़ाई से जांच किए उसे छोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी और एसीपी बाबूपुरवा वीरेंद्र विक्रम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। लापरवाही के आरोपों को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच एसीपी बाबूपुरवा को सौंप दी गई है।
ट्रेन हादसा या सोची-समझी हत्या? उलझी गुत्थी
पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई कि 28 सितंबर की शाम लगभग 6:31 बजे रुचि अपने दोस्त ओमवीर से फोन पर बात कर रही थी। ओमवीर ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि वह उस वक्त लखनऊ में था और बातचीत के दौरान ही ट्रेन गुजरने की आवाज आई और अचानक फोन कट गया। इसके बाद उसने रुचि को "बात क्यों नहीं कर रही हो?" का मैसेज भी भेजा था, जो छात्रा के मोबाइल में मिला है।
पुलिस ने उस समय गुजरी ट्रेन के लोको पायलट से भी पूछताछ की। लोको पायलट ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ट्रेन के सामने आता तो वह मेमो जारी करता, हालांकि इंजन निकलने के बाद बोगियों से टकराने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
पैनल से होगा पोस्टमार्टम, जांच जारी
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी मित्र ओमवीर यादव पर हत्या का केस दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (हत्या या दुर्घटना) का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी वैज्ञानिक व सर्विलांस साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।