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झांसी CGST घूसकांड: दो अधीक्षकों पर आय से अधिक संपत्ति का केस, CBI जांच में करोड़ों की काली कमाई उजागर

1.5 करोड़ की रिश्वत मामले के बाद बड़ा खुलासा, दोनों अधिकारियों की संपत्ति आय से कई गुना अधिक पाई गई

 

झांसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित CGST (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) कार्यालय में हुए बहुचर्चित घूसकांड में अब बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच में दो अधीक्षकों की आय से अधिक संपत्ति सामने आई है, जिसके बाद उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

आरोपित अधीक्षक अजय कुमार शर्मा और अनिल कुमार तिवारी पहले ही रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच में उनकी करोड़ों की कथित काली कमाई उजागर हुई है।

1.5 करोड़ के घूसकांड से खुला मामला

गौरतलब है कि CBI ने 31 दिसंबर को झांसी के CGST कार्यालय में करीब 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत का मामला पकड़ा था। इस दौरान दोनों अधीक्षकों को एक व्यापारी से 70 लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत अन्य आरोपितों पर भी कार्रवाई की गई थी। छापेमारी के दौरान नकदी, जेवर और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए थे।

जांच में सामने आई करोड़ों की अतिरिक्त संपत्ति

CBI जांच के अनुसार—

  • अजय कुमार शर्मा की आय-व्यय का विश्लेषण करने पर उनकी वैध आय करीब 1.40 करोड़ रुपये पाई गई, जबकि उनके पास 3.53 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति होने का आरोप है।
  • वहीं अनिल कुमार तिवारी के खिलाफ 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला सामने आया है।

जांच में यह भी सामने आया कि तिवारी की कुल संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 191 प्रतिशत अधिक है।

CBI ने दर्ज किए अलग-अलग केस

CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, लखनऊ ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।

इस कार्रवाई के बाद CGST विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी जांच की आंच आने की संभावना जताई जा रही है।

बढ़ सकती हैं और मुश्किलें

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। CBI अब आरोपितों के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति निवेश और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।