'मैं कांप रहा हूं...': आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का पलटवार
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों के साथ यौन शोषण का आरोप लगा कर सुर्खियों में आया था आशुतोष ब्रह्मचारी
न्यूज डेस्क, भदैनी मिरर: पिछले दिनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाकर चर्चा में आए आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खेमे में हलचल पैदा कर दी है। आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा जगद्गुरु के उत्तराधिकारी पर हत्या की साजिश रचने के आरोपों के बाद, स्वयं जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सामने आकर इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में जगद्गुरु ने आशुतोष के दावों को झूठा बताते हुए उसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा करार दिया।
"अपराधिक इतिहास जानकर डर लग रहा है"
वीडियो संदेश में जगद्गुरु रामभद्राचार्य काफी आहत नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी जो आरोप लगा रहा है, उसके पीछे उनकी और उनके उत्तराधिकारी रामचंद्र दास की छवि को धूमिल करने का इरादा है।
"आज मेरे मन को बहुत आघात लगा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने जो कहा, उससे मुझे आशंका हो गई है कि वह मेरे और मेरे उत्तराधिकारी के खिलाफ कोई बड़ी साजिश रच रहा है। उसका आपराधिक इतिहास जानकर मैं कांप रहा हूं, मुझे अब डर लगने लगा है।" - जगद्गुरु रामभद्राचार्य
आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या लगाए थे आरोप?
श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और जगद्गुरु के शिष्य बताए जाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने कहा था:
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"मेरे गुरुदेव जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की जान को खतरा है।"
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"यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके जिम्मेदार उत्तराधिकारी रामचंद्र दास होंगे।"
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आशुतोष ने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं कि रामचंद्र दास गुरु की हत्या कराना चाहता है।
जगद्गुरु ने की प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग
अपने शिष्य के इस व्यवहार पर क्षोभ प्रकट करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके किसी शिष्य का मन इतना काला होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आशुतोष ब्रह्मचारी के पुराने रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए और इस प्रकार की हरकतों के लिए संवैधानिक रूप से कठोरतम दंड सुनिश्चित करना चाहिए।
कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी?
आशुतोष ब्रह्मचारी हाल के दिनों में विवादों के केंद्र में रहे हैं। इससे पहले उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। वे वर्तमान में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में भी काफी सक्रिय हैं और स्वयं को हिंदू धर्म का रक्षक बताते रहे हैं, लेकिन अब अपने ही गुरु के निशाने पर आ गए हैं।