सुहागरात पर पति ने रखी आपत्तिजनक शर्त
आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में नवविवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष पर दर्ज कराया मुकदमा; मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में चल रहा पीड़िता का इलाज।
भदैनी मिरर क्राइम डेस्क: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से पति और ससुराल पक्ष द्वारा नवविवाहिता के मानसिक उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना और गोपनीय डेटा चोरी का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर हुई भव्य शादी के अगले ही दिन पति ने उस पर ऐसी आपत्तिजनक शर्त मानने का दबाव बनाया, जिसके बाद वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में चली गई।
मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद हरीपर्वत थाना पुलिस ने पति समेत परिवार के चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक करोड़ की डेस्टिनेशन वेडिंग, फिर भी 25 लाख अतिरिक्त दहेज
हरीपर्वत निवासी पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी इसी वर्ष 20 अप्रैल को हुई थी, जिसके लिए 18 से 21 अप्रैल तक जेआर ग्रैंड रिसोर्ट में भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित की गई थी। शादी समारोह में लड़की पक्ष ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए थे।
आरोप है कि इसके बावजूद ससुरालियों का लालच कम नहीं हुआ और उन्होंने शादी के दौरान ही 25 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की, जिसे पीड़िता के पिता ने पूरा भी कर दिया था।
पति की अमानवीय मांग से बिगड़ी मानसिक स्थिति
पीड़िता का आरोप है कि शादी के अगले ही दिन पति ने उससे कहा कि उसकी पुरानी प्रेमिका ने उसे धोखा दिया था, इसलिए उसकी जिद है कि उसकी पत्नी उसके सामने किसी अन्य दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब नवविवाहिता ने इस घिनौनी और अमानवीय शर्त का कड़ा विरोध किया, तो पति ने उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
ससुरालियों के इस अमानवीय व्यवहार और उत्पीड़न के कारण युवती गहरे मानसिक अवसाद में चली गई। बीते 9 जुलाई से उसका इलाज आगरा स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (Mental Health Institute) में चल रहा है।
कंपनी का गोपनीय डेटा और निजी चैट चोरी करने का आरोप
पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसकी ननद ने चुपके से उसका मोबाइल पासवर्ड हासिल कर निजी तस्वीरें और कंपनी से जुड़ा संवेदनशील डेटा कॉपी कर लिया। इसके बाद जब वह नौकरी के सिलसिले में बेंगलुरु गई, तो पति ने वहां पहुंचकर उसके मोबाइल और कंपनी के लैपटॉप से गोपनीय जानकारी, सहकर्मियों के चैट और निजी डेटा निकालकर अपने फोन में ट्रांसफर कर लिया तथा मूल चैट डिलीट कर दिए।
आरोप है कि पति उस डेटा के बल पर उसे समाज में बदनाम करने की धमकियां दे रहा था।
पुलिस आयुक्त के आदेश पर मामला दर्ज
परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई और डेटा बरामदगी के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर पति और उसके परिजनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस सभी पहलुओं पर विधिक जांच कर रही है।