गाजियाबाद में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज, दो पुलिसकर्मी और 30 से अधिक किसान घायल
प्लांट से इलाके में गंदगी, बदबू और बीमारियां फैलेने की आशंका से ग्रामीण कर रहे हैं विरोध
ग्रामीण डेढ़ माह से कर रहे हैं विरोध, प्लांट में धरने पर बैठने के लिए घुसने लगे तो हुआ लाठीचार्ज
गाजियाबाद। गाजियाबाद के लोनी के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव में रविवार को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध के दौरान ग्रामीणों और पुलिस में झड़प हो गई। पुलिस लाठीचार्ज से महिलाओं समेत 30 से अधिक ग्रामीण घायल हो गये। जबकि पथराव में दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए हैं। ग्रामीण निर्माण कार्य को रोकने और प्लांट परिसर में धरना पर बैठने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
मीरपुर समेत आसपास गांव के ग्रामीण डेढ़ माह से निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विरोध कर रहे थे। रविवार को ग्रामीण प्लांट का निर्माण कार्य शुरू होने पर पुलिस के अधिकारियों को ज्ञापन देने के लिए प्लांट पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद ग्रामीण प्लांट के गेट पर लगे ताले तोड़कर जबरन काम बंद कराने और प्लांट के अंदर ही धरने पर बैठने की जिद करने लगे। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव किया गया। दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर ग्रामीणों को हटाने की कोशिश की। उधर, विरोध प्रदर्शन कर रहे रवींद्र त्यागी ने बताया कि ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक प्लांट का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा। इसके बाद भी प्लांट का कार्य चल रहा था। इसके विरोध में ग्रामीणों ज्ञापन देने और काम को बंद करने के लिए गए थे। ग्रामीण प्लांट के अंदर धरने पर बैठने के लिए आए थे। लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। ग्रामीणों ने कहाकि वह ग्रामीण भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों से बात करके आगे की रणनीति बनाएंगे। फिलहाल किसान प्लांट के अंदर धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की टीम करीब 20 ग्रामीणों को गाड़ी भरकर ले गई और उन्हें हिरासत में रख रखा गया हैं।
बताया गया कि स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने कूड़ा घर के मुख्य द्वार को तोड़कर वहां बैठने की कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जवाब में ग्रामीणों द्वारा पथराव किया गया। इसे भगदड़ और अफरातफरी की स्थिति रही। हालांकि अभी घायल किसानों की संख्या 30 बताई गई है, कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या अधिक हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्लांट से इलाके में गंदगी, बदबू और बीमारियां फैलेंगी। इस जमीन पर कूड़ाघर के बजाय स्कूल या अस्पताल बनाया जाय। इस घटना का सबसे अजीबोगरीब पहलू यह है कि पुलिस लाठीचार्ज से इनकार कर रही है और ग्रामीण पथराव से। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिसवालों ने महिलाओं तक को पीटा, गालियां दी। हम पूछ रहे हैं कि गांव को स्कूल, अस्पताल की जरूरत है तो बीच गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से हमलोगों का जीना हराम हो जायेगा।