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FIR दर्ज होने के बाद आया पूर्व IPS का रिएक्शन, बोले अमिताभ ठाकुर- राजनीतिक प्रतिशोध में मुझे डराने की कोशिश

सिविल प्रवृति के मामले को आपराधिक कृत्य में बदलकर मुकदमा दर्ज हुआ

 
लखनऊ। सत्ता से सवाल पूछने और गलत के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले निर्भीक और निडर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर पिछले दिनों थाना तालकटोरा में एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि फर्जीवाड़ा करके देवरिया में जिला उद्योग केंद्र से औद्योगिक प्लाट बी-2 का आवंटन करवाया गया। एफआईआर दर्ज होते ही आरोपित दंपति ने विवेचक को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा और सभी दस्तावेजों की मांग की।
डराने और धमकाने के लिए दर्ज हुई FIR 
अमिताभ-नूतन ठाकुर ने वीडियो जारी कर कहा कि मुझ पर एफआईआर राजनीतिक प्रतिशोध के कारण डराने-धमकाने के लिए दर्ज की गई है। उन्होंने इस प्रकरण में खुद को निर्दोष बताया। काफी पुराने मामले में जो सिविल प्रवृति का है उसे जबरदस्ती आपराधिक कृत्य बताकर एफआईआर दर्ज की गई है। कहा कि हम न्यायिक लड़ाई लड़कर इस प्रकरण में खुद के निर्दोष होने के तथ्यों को स्थापित करेंगे।
यह लगा है आरोप!
तालकटोरा स्थित आवास विकास कालोनी निवासी संजय शर्मा की तहरीर पर यह केस रजिस्टर्ड हुआ है। आरोप है कि एसपी देवरिया रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर को प्लॉट आवंटित करने में मदद की। नूतन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपना और अपने पति अमिताभ ठाकुर का नाम गलत लिखा और पता खैरा, जिला सीतामढ़ी, बिहार दर्शाया। 
बता दें, यह प्रकरण वर्ष 1999 का बताया गया है, जब अमिताभ ठाकुर एसपी देवरिया थे। उसी दरम्यान एसपी ने अपने पद का गलत प्रयोग कर अपनी पत्नी को भूमि आवंटन में मदद पहुंचाई थी। 
पूरे प्रकरण में इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप दुबे ने बताया कि तथ्यों की जांच की जा रही है।