पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को जमानत मिली, पत्नी नूतन की अग्रिम जमानत खारिज; हाई कोर्ट में चुनौती की तैयारी
धोखाधड़ी मामले में देवरिया जेल से रिहाई की राह खुली, पत्नी नूतन ठाकुर की गिरफ्तारी की तलवार अभी भी लटकी
देवरिया/लखनऊ। धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी के बाद देवरिया जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सोमवार को जिला जज की अदालत से बड़ी राहत मिली। अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर दी, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, अदालत ने अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यानी उनकी पत्नी पर गिरफ्तारी की तलवार अभी भी लटकी हुई है। जानकारी के अनुसार नूतन ठाकुर अब हाई कोर्ट का रुख कर अग्रिम जमानत के लिए प्रयास करेंगी।
मामला क्या है?
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी अमिताभ ठाकुर ने 1999 में देवरिया में एसपी रहते हुए पत्नी नूतन के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट खरीदा था। इस प्लाट के दस्तावेजों में नूतन ठाकुर के नाम की जगह नूतन देवी और अमिताभ के नाम की जगह अभिजात लिखा गया था।
सितंबर 2025 में इस मामले में लखनऊ के ताल कटोरा थाने में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 10 दिसंबर को पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर देवरिया जेल भेज दिया।
अदालत की सुनवाई
पूर्व IPS अधिकारी के वकील प्रवीन द्विवेदी ने जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अमिताभ ठाकुर की जमानत मंजूर कर दी, लेकिन नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई।
अमिताभ ठाकुर ने हाल ही में जेल में जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया। शुक्रवार को हाई सिक्योरिटी बैरक के बाहर कंप्यूटर से टाइप किया गया धमकी भरा पत्र उन्हें मिला। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी।
वकील प्रवीन द्विवेदी ने बताया कि पत्र में अपशब्दों के साथ यह धमकी दी गई थी कि उन्हें मार दिया जाएगा। पत्र पत्थर में लपेटकर फेंका गया था। जेल प्रशासन ने डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारियों को जानकारी देते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
अमिताभ ठाकुर फिलहाल जेल में काफी भयभीत हैं और सुरक्षा के लिहाज से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है।