‘EVM में धांधली कर चंद्रशेखर आजाद को जिताया...’ मायावती का बीजेपी और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
बसपा सुप्रीमो मायावती ने नगीना सीट से चंद्रशेखर आजाद की जीत पर उठाए सवाल; बोलीं— बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए रची गई साजिश, युवाओं को सतर्क रहने की दी नसीहत।
भदैनी मिरर (लखनऊ ब्यूरो): बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVM) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। मायावती ने देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर (Ballot Paper) से मतदान कराने की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने नगीना लोकसभा सीट से आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत को बीजेपी की सोची-समझी साजिश करार दिया।
‘नगीना में चंद्रशेखर का कोई जनाधार नहीं’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "नगीना सीट पर चंद्रशेखर का कोई अपना जनाधार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के षड्यंत्र के तहत ईवीएम में धांधली कराकर उन्हें जिताया है।" मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर ही चंद्रशेखर देशभर में दलितों को लेकर विरोध प्रदर्शन और राजनीति कर रहे हैं।
वीवीपैट (VVPAT) की पर्ची पर उठाए सवाल
ईवीएम की विश्वसनीयता पर बोलते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि किसी भी मशीन को रिमोट के जरिए हैक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बसपा ने सबसे पहले ईवीएम के खिलाफ आवाज उठाई थी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने वीवीपैट लगाने के निर्देश दिए, लेकिन उसका भी पूरा फायदा नहीं मिल रहा है क्योंकि सभी वीवीपैट पर्चियों की सौ फीसदी गिनती नहीं की जाती। ऐसे में मतदाताओं को यह विश्वास नहीं हो पाता कि उनका वोट सही जगह गया है या नहीं।
दलित युवाओं को चंद्रशेखर से दूर रहने की नसीहत
मायावती ने दलित युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि वे चंद्रशेखर आजाद के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा, "जहां कहीं भी घटना होती है, वे वहां पहुंच जाते हैं। पीड़ितों को प्रशासनिक स्तर पर न्याय दिलाने की जगह युवाओं को सड़कों पर उतार देते हैं। इससे पुलिस युवाओं पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज देती है, जिससे उनका भविष्य खराब होता है और वे सरकारी नौकरियों से वंचित रह जाते हैं।"
चुनाव आयोग से भ्रांतियां दूर करने की अपील
मायावती ने चुनाव आयोग से अपील की कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़ी अन्य भ्रांतियों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि विपक्ष और जनता में अविश्वास का माहौल न बने। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को तत्काल प्रभाव से बैलेट पेपर की व्यवस्था बहाल करनी चाहिए।