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चंदौली: 50 हजार का इनामी गो-तस्कर रंजीत गिरफ्तार, चकिया पुलिस ने घेराबंदी कर अमरा दक्षिणी से दबोचा

बड़ी सफलता: लंबे समय से फरार चल रहे शातिर अपराधी रंजीत को चकिया पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

चंदौली। उत्तर प्रदेश की चंदौली पुलिस ने अवैध गो-तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। चकिया पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी और शातिर अपराधी रंजीत (35 वर्ष) को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह भागने की फिराक में था। पुलिस को काफी समय से इस शातिर अपराधी की तलाश थी।

घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्धों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान 5 मई 2026 की शाम मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि वांछित अपराधी रंजीत अमरा दक्षिणी क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। शाम करीब 7 बजे जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उसे मौका नहीं दिया।

मिर्जापुर का निवासी, वाराणसी में था ठिकाना

पकड़ा गया अभियुक्त रंजीत मूल रूप से मिर्जापुर जिले के कछवा थाना क्षेत्र के हीरापुर (गोरही) गांव का रहने वाला है। हालांकि, वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मिल्कीपुर में छिपकर रह रहा था और वहीं से गो-तस्करी की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

फरवरी में घोषित हुआ था इनाम

रंजीत के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। लगातार फरार रहने और आपराधिक सक्रियता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 10 फरवरी 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रंजीत से पूछताछ की जा रही है ताकि गो-तस्करी से जुड़े उसके अन्य साथियों और पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके। उसके पुराने आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।