बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर का मुख्य आरोपी जीतू एनकाउंटर में ढेर; 4 पुलिसकर्मियों को भी लगी गोली
जिम में बर्थडे पार्टी में केक लगाने से शुरू हुआ था 'खूनी खेल', फायरिंग में तीन की हुई थी मौत
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर को दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के मुख्य आरोपी जीतू सैनी को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। जिम में हुई खूनी वारदात के बाद से फरार चल रहे जीतू की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी थीं। बीती रात हुई इस मुठभेड़ में जीतू ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें चार पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
केक लगाने से शुरू हुआ था 'खूनी खेल'
यह पूरी वारदात किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है, लेकिन इसका अंत बेहद दर्दनाक रहा। दरअसल, यह सारा विवाद एक जिम में आयोजित जीतू सैनी की बर्थडे पार्टी के दौरान शुरू हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:
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जीतू के चेहरे पर केक लगाने को लेकर अमरदीप और जीतू के बीच तीखी बहस हुई।
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गाली-गलौज से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते फायरिंग तक पहुंच गया।
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इस अंधाधुंध फायरिंग में अमरदीप, आकाश और मनीष की मौके पर ही मौत हो गई।
बता दें कि मृतक मनीष और अमरदीप नगर पालिका सभासद संजय सैनी के भाई थे और आकाश उनका भतीजा था। वारदात को अंजाम देने के बाद जीतू जिम में लगे CCTV का DVR लेकर फरार हो गया था।
पुरानी रंजिश या सिर्फ मामूली विवाद?
पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली यह थी कि क्या महज केक लगाने जैसी छोटी बात पर तीन हत्याएं की जा सकती हैं? जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि दोनों परिवारों के बीच सैनी धर्मशाला के विवाद को लेकर पुरानी रंजिश भी हो सकती है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का प्राथमिक तौर पर यही मानना है कि विवाद की तात्कालिक वजह केक लगाना ही था।
पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
हत्याकांड के बाद एसपी सिटी अभिषेक और एसपी देहात अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में छह से अधिक थानों की फोर्स आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान जीतू ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर हो गया।