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UP Budget 2026 Today: चुनावी साल में तोहफों की बरसात! पेंशन बढ़ने के आसार

पूर्वांचल–बुंदेलखंड को बड़ी सौगात, खुलेंगे नए स्पोर्ट्स कॉलेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और जनकल्याण पर रहेगा फोकस
 

 

लखनऊ ब्यूरो| उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में वर्ष 2026–27 का बजट पेश करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा, ऐसे में इसमें चुनावी रंग साफ दिखाई देने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार करीब 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये के बीच रहेगा।

सरकार निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं पर सबसे ज्यादा खर्च कर सकती है। बजट का लगभग एक चौथाई हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तय किए जाने की संभावना है।

पूर्वांचल–बुंदेलखंड पर खास फोकस

क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास निधि में लगभग 1900 करोड़ रुपये का प्रावधान हो सकता है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 700 करोड़ अधिक है। इससे दोनों क्षेत्रों के 37 पिछड़े जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) को भी बड़ा पैकेज मिल सकता है। यहां 56 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसमें से 23 हजार एकड़ अब भी बाकी है। बजट में इसके लिए अलग प्रावधान संभव है।

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एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी को बढ़ावा

नए एक्सप्रेसवे के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था हो सकती है। लखनऊ–आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक करने तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी धनराशि तय की जा सकती है।

पेंशन और मानदेय बढ़ने की उम्मीद

जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों की पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी संभव है।
स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और शी-मार्ट योजना को भी बजट में जगह मिल सकती है।

इसके अलावा 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 17 से 20 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव आ सकता है, जिसके लिए करीब 250 से 275 करोड़ रुपये का प्रावधान संभावित है। मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का वादा भी इस साल पूरा हो सकता है।

सड़क, मेट्रो और सुरक्षा पर भारी निवेश

सड़कों की मरम्मत और विस्तार के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मिल सकते हैं।
गृह विभाग को साइबर अपराध पर नियंत्रण समेत करीब 48 हजार करोड़ रुपये दिए जाने की संभावना है।
परिवहन सेवाओं के लिए 4700 करोड़, हवाई अड्डा और जल मार्ग के लिए 2500 करोड़ रुपये तक का प्रावधान हो सकता है।

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा को 1.10 लाख करोड़ से अधिक, शहरी अवस्थापना और सीएम शहरी विस्तारीकरण योजना को 12 हजार करोड़ तथा मेट्रो परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

खेलों को बढ़ावा, खुलेंगे नए स्पोर्ट्स कॉलेज

खेलों के प्रोत्साहन के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये का बजट तय किया जा सकता है। आगरा, मीरजापुर, देवीपाटन, झांसी, मुरादाबाद, अयोध्या, बरेली और अलीगढ़ में नए स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के लिए 25 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा सकती है।

कुल मिलाकर योगी सरकार का यह बजट विकास के साथ-साथ चुनावी संतुलन साधने वाला माना जा रहा है, जिसमें आम जनता, युवा, महिलाएं और किसानों को साधने की पूरी कोशिश होगी।