BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में निधन, रसड़ा से लगातार 3 बार जीतकर रचा था इतिहास
बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बीएसपी विधायक और विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन।
वाराणसी/बलिया (भदैनी मिरर)। उत्तर प्रदेश की राजनीति और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को एक बड़ा झटका लगा है। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे और बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह का दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बलिया सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
2022 में बसपा के इकलौते विधायक बनकर लिखा था इतिहास
उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा सीट से बंपर जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला था। वे पूरे प्रदेश में बीएसपी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुँचने वाले इकलौते विधायक बने। उनकी इसी निष्ठा और जनाधार को देखते हुए पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें बीएसपी विधायक दल का नेता नियुक्त किया था।
सैन्य परिवार में जन्म, 2012 में पहली बार पहुंचे थे विधानसभा
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में एक सैन्य परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री घुराहु सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए वर्ष 2012 में पहली बार रसड़ा (सामान्य सीट) से बसपा के टिकट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2017 व 2022 के चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।
सामूहिक विवाह और जनसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह अपनी अनूठी जनसेवा के लिए भी जाने जाते थे। अपने विधानसभा क्षेत्र में पहले 251 जोड़ों और फिर बाद में 351 गरीब कन्याओं का भव्य सामूहिक विवाह कराकर वे पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने थे। जनसमस्याओं के समाधान, विकास कार्यों और व्यक्तिगत मदद के लिए वे हमेशा जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रहे।
दिग्गज नेताओं ने प्रकट की गहरी संवेदनाएं
उमाशंकर सिंह के असामयिक निधन पर कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख जताया है:
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नीरज शेखर (राज्यसभा सांसद): सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा, "मेरे गृह जिले बलिया के रसड़ा से लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। सार्वजनिक जीवन और जनसेवा में उनका योगदान सदा याद रखा जाएगा। उनका जाना सामाजिक-राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।"
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अखिलेश यादव (पूर्व मुख्यमंत्री, UP): उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, "रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।"
उमाशंकर सिंह के चले जाने से न केवल बसपा ने अपना एक कद्दावर स्तंभ खो दिया है, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में भी एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।