हरदोई में जीजा और साली की गुमनाम प्रेम कहानी का दुखद अंत, ट्रेन के आगे कूदकर कर ली खुदकुशी
हरियाणा की निजी कम्पनी में काम करता था रितेश, रिश्ते में साली लगती थी मुस्कान
दोनों के प्रेम सम्बंधों की परिवारवालों को नही थी भनक, मौतों के बाद सामने आई प्रेम की कहानी
हरदोई। हरदोई में युवा जीजा और साली अपने प्रेम के रिश्तोें को गुमनाम रखा। काफी समय से दोनों के प्रेम प्रसंग चल रहे थे, लेकिन दोनों ने इसकी भनक अपने-अपने परिवारों को लगने नही दी। दोनों मोबाइल पर बातें करते थे। लेकिन इसी बीच युवती अचानक घर से गायब हुई और दूसरे दिन दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया। गुरुवार सुबह खदरा फाटक के पास उनके क्षत-विक्षत शव मिले। मृत युवक की पहचान रितेश कुमार सिंह (30) निवासी ग्राम गडेउरा, थाना बघौली और युवती की पहचान मुस्कान (21) निवासी सुमेरपुर, थाना मल्लावां के रूप में हुई। रितेश अविवाहित था और हरियाणा में एक निजी फैक्ट्री में काम करता था। वह हाल ही में घर लौटा था। वहीं मुस्कान उसके छोटे भाई साकेत की साली थी।
परिजनों के अनुसार मुस्कान मंगलवार को घर से दवा लेने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। दूसरी ओर रितेश ने हरियाणा से लौटने के बाद सुभाष नगर स्थित अपनी बुआ के घर सामान रखा और लखनऊ जाने की बात कहकर वहां से निकल गया। इसके बाद दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि खदरा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर दो शव पड़े हैं। शवों की शिनाख्त के बाद परिजनों को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे। तब पुलिस को पता चला कि परिवारों को तो उनके रिश्ते की भनक तक नही थी।
जानकारी के अनुसार युवक रितेश हरियाणा में काम करता था और एक दिन पहले ही लौटा था। जबकि युवती घर से दवा लेने का बहाना कर निकली थी। इसके बाद रिश्तों की मर्यादा और प्रेम सम्बंध के बीच उलझी इन युवाओं की प्रेम कहानी का अंत हो गया। दोनों की मौत के बाद सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद दोनों की पहचान हो सकी। सूचना पर एएसपी पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह और सीओ सिटी अंकित मिश्रा पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। रितेश बघौली के ग्राम गड़ेउरा का निवासी था और हरियाणा कीं निजी कंपनी में काम करता था। उसके छोटे भाई की शादी मल्लावां के सुमेरपुर गांव में हुई थी। भाई की साली से इस युवक का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मुस्कान के भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन मंगलवार की सुबह दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद से लापता थी। उसने रितेश से पूछा कि क्या मुस्कान तुम्हारे पास है तो उसने साफ इनकार किया। रात करीब 12 बजे रितेश सुभाषनगर मोहल्ले में अपने फूफा के घर पहुंचा। वहां बैग और मोबाइल रखकर कुछ देर में आने की बात कहकर निकल गया। इसके बाद दोनों की लाश रेल लाइन पर मिली।