सीएम शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बड़ा मोड़, बलिया के आरोपी मोनू सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर
यूपी एसटीएफ और सीबीआई को चकमा देकर गैंगस्टर कोर्ट में हाजिर हुआ 12 मुकदमों का आरोपी ज्ञानेंद्र मोनू; हत्या में इस्तेमाल कार और असलहा सप्लाई का है आरोप
भदैनी मिरर, बलिया: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस में वांछित और मुख्य कड़ियों में से एक, बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने बृहस्पतिवार को अचानक कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
यूपी एसटीएफ (UP STF) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीमें पिछले कई दिनों से मोनू की सरगर्मी से तलाश कर रही थीं, लेकिन वह जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकते हुए बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में हाजिर हो गया। मोनू के सरेंडर करने की पुष्टि उसकी पत्नी महिमा सिंह ने की है।
सरेंडर से ठीक 1 घंटे पहले फेसबुक पर लगाई गुहार
गैंगस्टर कोर्ट में हाजिर होने से ठीक एक घंटे पहले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट डाला, जिसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी। इस पोस्ट में उसने देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए खुद को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पूरी तरह निर्दोष बताया है। मोनू ने आरोप लगाया कि गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति ने उसके खिलाफ गहरी साजिश रची है और उसे इस हत्याकांड में फर्जी तरीके से घसीटा जा रहा है।
पत्नी बोली- पति निर्दोष, हमें सीबीआई पर पूरा भरोसा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोनू की पत्नी महिमा सिंह ने अपने पति का बचाव किया है। महिमा ने कहा, "मेरे पति को राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के तहत फर्जी रूप से फंसाया जा रहा है। हमें देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) पर पूरा भरोसा है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।"
क्या है मोनू सिंह पर आरोप?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में प्रयोग की गई कार को खरीदवाने में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू की मुख्य भूमिका थी। इसके अलावा, उस पर शूटरों को असलहा मुहैया कराने का भी गंभीर आरोप है।
सीबीआई के निर्देश पर यूपी एसटीएफ और फेफना पुलिस ने कुछ दिनों पहले थमह्नपुरा गांव के रहने वाले नवीन सिंह को दबोचा था, जिसके पास से 5 अवैध असलहे और 45 कारतूस बरामद हुए थे। नवीन ने ही पूछताछ में खुलासा किया था कि ये हथियार उसे शीतल दवनी के मोनू सिंह और भीखपुर के गोलू सिंह ने दिए थे। इसके बाद से ही मोनू अंडरग्राउंड चल रहा था।
कई राज्यों में दर्ज हैं 12 से ज्यादा आपराधिक मामले
ज्ञानेंद्र सिंह मोनू कोई साधारण प्रोफाइल का व्यक्ति नहीं है, बल्कि उस पर पहले से ही आपराधिक इतिहास दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोनू पर यूपी के बांसडीह रोड के अलावा छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों के अलग-अलग थानों में 12 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2022 में भी गांव के मुकेश सिंह के साथ जमीनी विवाद को लेकर हुई फायरिंग के मामले में मोनू नामजद हुआ था। अब इस हत्याकांड में मोनू का नाम आने के बाद विरोधी गुट के मुकेश सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वायरल वीडियो में विपक्षी पर मढ़ा था दोष
अंडरग्राउंड होने के दौरान मोनू का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। उस वीडियो में मोनू ने अपने धुर विरोधी पर निशाना साधते हुए कहा था, "वही व्यक्ति मुझे अपने साथ कोलकाता लेकर गया था और उसी ने कार दिलवाई थी। अब वह मुझे इस मर्डर केस में फंसाकर अपना रास्ता साफ करना चाहता है।"