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कानपुर में नकली रेबीज वैक्सीन का 'बड़ा खेल': एक ही बिल पर दो अलग दवाएं, 500 डोज गायब

दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन का कानपुर कनेक्शन बेनकाब; ड्रग इंस्पेक्टर ने कलक्टरगंज थाने में दी तहरीर, आगरा भेजी गई खेप बनी रहस्य।

 

कानपुर/आजमगढ़ (भदैनी मिरर): दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) के तार अब कानपुर से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। जांच के दौरान कानपुर की दो बड़ी दवा एजेंसियों के बिलों में भारी हेरफेर और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। जांच अधिकारियों के तब होश उड़ गए जब पता चला कि एक ही बिल नंबर पर दोनों एजेंसियों ने अलग-अलग दवाओं की खरीद-बिक्री दिखाई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग इंस्पेक्टरों ने देर रात दोनों दवा एजेंसियों के मालिकों के खिलाफ कानपुर के कलक्टरगंज थाने में तहरीर दे दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।

बिलों में हेराफेरी देख चकराए अफसरों के होश

शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह और देवयानी दुबे ने बिरहाना रोड स्थित 'न्यू आरजे एजेंसी' (मालिक बलजीत कौर) और एक्सप्रेस रोड स्थित 'एलेक्जर क्योर एजेंसी' (मालिक तरनदीप सिंह) के परिसरों की गहन जांच-पड़ताल की।

  • ऐसे हुआ खेल: न्यू आरजे एजेंसी ने जिस बिल नंबर पर एलेक्जर क्योर एजेंसी से 'एंटी रेबीज वैक्सीन' खरीदना दर्ज किया है, उसी बिल नंबर पर एलेक्जर क्योर एजेंसी ने दूसरी ही दवा बेचना दिखाया है। उस बिल पर एंटी रेबीज वैक्सीन बेची ही नहीं गई थी, जबकि न्यू आरजे एजेंसी उसी बिल के जरिए वैक्सीन की खरीद दिखा रही थी।

एडीएम सिटी सौरभ सिंह ने स्पष्ट किया है कि नकली दवा के इस खतरनाक कारोबार में दोनों एजेंसियों की संदिग्ध भूमिका उजागर हुई है और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगरा भेजी गई 500 डोज बनी रहस्य, तलाश में जुटी टीम

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि न्यू आरजे एजेंसी द्वारा नकली पाए गए बैच की करीब 500 एंटी रेबीज वैक्सीन आगरा भेजी गई थी। हालांकि, आगरा की संबंधित फर्म का कहना है कि उसने यह माल लिया ही नहीं और ट्रांसपोर्ट से बिना उठाए ही तुरंत वापस लौटा दिया।

अब रहस्य यह है कि आगरा से वापस भेजी गई यह वैक्सीन न्यू आरजे एजेंसी तक पहुंची ही नहीं। ड्रग विभाग की टीम इस रहस्यमयी 500 डोज की खेप को तलाश रही है ताकि उसे सीज किया जा सके।