यूपी में महिलाओं के लिए बड़ा दांव: पहले 20 हजार, फिर 30 हजार रुपये देने की तैयारी
तीन किस्तों में दी जाएगी 50 हजार रुपये की राशि, सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा पैसा
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार महिलाओं के लिए एक बड़ी वित्तीय प्रोत्साहन योजना लाने की तैयारी में है। पड़ोसी राज्य बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के चुनावी मॉडलों की तर्ज पर तैयार की जा रही इस योजना के तहत महिलाओं को कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
तीन किस्तों में दी जाएगी 50 हजार रुपये की राशि
विभागीय स्तर पर तैयार की जा रही रूपरेखा के अनुसार, यह वित्तीय सहायता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र महिलाओं के लिए एक साथ लागू की जाएगी। योजना का भुगतान तीन चरणों में किया जाएगा:
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पहली किस्त (20,000 रुपये): चुनाव से पहले पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 20-20 हजार रुपये भेजे जाएंगे।
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अगली किस्तें (30,000 रुपये): नई सरकार के गठन के बाद शेष 30,000 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि एकमुश्त या 10-10 हजार रुपये की तीन किस्तों में हस्तांतरित की जा सकती है।
स्वरोजगार के उद्देश्य से दी जा रही इस पहली किस्त के उपयोग के आधार पर ही आगे की किस्तों की समीक्षा की जाएगी। इन पैसों का उपयोग महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू करने या स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए कर सकेंगी।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा पैसा (DBT)
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों को खत्म करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का इस्तेमाल किया जाएगा। अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की तरह इस योजना का लाभ भी सीधा लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ही पहुंचेगा।
राजनीतिक समीकरण और 'गेम चेंजर' दांव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। मध्य प्रदेश की 'लाडली बहना' और बिहार की योजनाओं के चुनावी नतीजों पर पड़े असर को देखते हुए इसे यूपी में भी एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
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पारिवारिक प्रभाव: एक महिला को वित्तीय लाभ मिलने से पूरे परिवार का समर्थन हासिल करने की रणनीति पर काम हो रहा है।
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समाजिक समीकरण: पात्रता शर्तों में दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिससे राजनीतिक संतुलन को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके।
महिला कल्याण के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी
हाल ही में विधानसभा से पारित अनुपूरक बजट में सरकार ने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए 1,094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया था:
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निराश्रित महिला पेंशन योजना: 930 करोड़ रुपये
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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: 110 करोड़ रुपये
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रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष: 54.30 करोड़ रुपये
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60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा: 100 करोड़ रुपये
फिलहाल, संबंधित विभाग योजना की पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया के नियमों को अंतिम रूप देने में जुटा है।