बलिया के वर पक्ष पर 3.57 लाख रुपये हड़पने का आरोप, जंसा थाने में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बहन की शादी तय होने और रूपये मिलने के बाद बदल गया लड़के वालों का व्यवहार
दहेज और ब्रांडेड समानों की मांग और रूपये के लिए दबाव बनाने से परेशान होकर लड़की वालों ने तोड़ा रिश्ता
वाराणसी, भदैनी मिरर। जंसा थाना क्षेत्र के डीह गंजारी गांव निवासी प्रशान्त कुमार मिश्र ने बहन की शादी के नाम पर बलिया जिले के प्रेमराजा निवासी ललित भूषण मिश्र और उनके परिवार ने दहेज की मांग और 3,57,000 रुपये हड़ने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने रूपये मांगने पर धमकी की भी शिकायत दर्ज कराई हैं पुलिस कमिश्नर के आदेश पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वह मामले की जांच कर रही है।
प्रशान्त मिश्र ने बताया कि 26 फरवरी 2024 को उनकी बहन की शादी प्रभात भूषण मिश्र पुत्र ललित भूषण् मिश्र से तय हुई। शादी के पूर्व की रस्में निभाई जा रही थीं। इसी दौरान लड़का पक्ष की ओर से दस लाख रूपये की मांग की गई। बताया गया कि यदि वह रूपये पहले दे देंगे और वह अपने पसंद के सोनार से आभूषण बनवाएंगे। इसके बाद वर पक्ष उनके घर आया और जल्द से जल्द साढ़े छह लाख की मांग की। इस पर मेरे पिता ने लड़के के पिता के खाते मे रूपये भेज दिये। रूपया मिलने के बाद तरह-तरह के ब्रांडेड सामानों की मांग होने लगी। इसके बाद उनका व्यवहार भी बदलने लगा। लड़की में कमियां निकालने लगे और कहाकि आपको और रूपये देने चाहिए। लड़का पक्ष के बदलते व्यवहार को देख कन्या पक्ष ने सोचा कि ऐसे में उनकी बेटी उस घर में सुखी नही रह सकती क्योंकि उनके लिए दहेज की सबकुछ है।
आखिरकार उनके व्यवहार और दहेज लोभी स्वभाव को देखते हुए हमलोगों ने शादी से इनकार कर दिया। तय हुआ कि वर पक्ष सारे रूपये लौटायेगा। इस दौरान लेन-देन में एक लाख 57 हजार और खर्च हो चुके थे। बाद में किसी तरह आनकानी करते हुए किसी तरह लड़के के पिता ने साढ़े चार लाख रूपये लौटाये। बाकी तीन लाख 57 हजार रूपये हड़प लिये। रूपये वापस मांगने पर पहले तो टालमटोल करते रहे। बाद में धमकी देने लगे। इसके बाद वह पुलिस कमिश्नर से मिले और शिकायत की। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर जंसा पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। इस मामले में लड़का ललित भूषण मिश्र, पिता प्रभात भूषण मिश्र, उनके रिश्तेदार रवि और दो अज्ञात के खिलाफ धारा 115(2) और 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया हैं।