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Ballia BJP Rape Allegation: बलिया में भाजपा महिला नेता ने जिलाध्यक्ष पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

भाजपा जिलाध्यक्ष और जिला मंत्री समेत 4 पर गंभीर आरोप; महिला नेत्री बोलीं— "ब्लैकमेल कर किया शोषण, कोर्ट की शरण लेने को मजबूर।"

 

बलिया (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदरूनी गलियारे को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भाजपा की जिला कार्यसमिति की एक महिला सदस्य ने अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष, जिला मंत्री समेत चार लोगों पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण तथा दुष्कर्म के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला नेत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और शोषण का आरोप

बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली महिला नेत्री के वायरल वीडियो के अनुसार, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र, जिला मंत्री आलोक सिंह मोनू, गणेश गुप्त तथा अजीत मिश्र चंदन ने उनका एक अवांछित वीडियो बना लिया था।

महिला का आरोप है कि इस वीडियो को सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी देकर आरोपी लंबे समय तक उनका शारीरिक शोषण करते रहे। जब उन्होंने तंग आकर इस अत्याचार का विरोध किया, तो आरोपियों ने रंजिश में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

‘पार्टी कार्यालय बना शोषण का अड्डा, FIR से हटाया नाम’

पीड़ित महिला नेत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता होने के नाते उनका पार्टी दफ्तर में आना-जाना रहता था, लेकिन वहाँ उनका मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण किया गया।

महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर बांसडीह कोतवाली जाने के बावजूद पुलिस ने कई दिनों तक केस दर्ज नहीं किया। जब उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई, तो भाजपा जिलाध्यक्ष के राजनीतिक प्रभाव के चलते एफआईआर से उनका नाम हटा दिया गया।

न्यायालय की शरण में पहुँची पीड़ित नेत्री

पुलिस और स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से आहत महिला नेत्री ने अब न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद जहां भाजपा के स्थानीय संगठन में खामोशी छाई हुई है, वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर हमलावर नजर आ रहे हैं। फिलहाल, मामला अदालत और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में जाने के बाद मामले की छानबीन जारी है।