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आजमगढ़: फर्जी दस्तावेज से मदरसा मान्यता और दोहरे पासपोर्ट मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन

मुबारकपुर, मेंहनगर और कंधरापुर थानों की संयुक्त कार्रवाई; कूट रचित दानपत्र पर चल रहा था मदरसा जामिया नूरुल उलूम

 

आजमगढ़ / भदैनी मिरर: आजमगढ़ जिले में फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुबारकपुर पुलिस ने कूटरचित अभिलेखों के आधार पर मदरसे की स्थायी मान्यता प्राप्त करने के मामले में दो प्रबंधकों को दबोचा है। वहीं, मेंहनगर और कंधरापुर थाना पुलिस ने पूर्व में जारी पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर फर्जी कागजातों के जरिए दोबारा नया पासपोर्ट बनवाने वाले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कूटरचित दानपत्र के सहारे ली मदरसे की मान्यता, दो गिरफ्तार

मुबारकपुर पुलिस ने मदरसा जामिया नूरुल उलूम की फर्जी कागजातों के जरिए मान्यता लेने के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों— मोहम्मद हामिद (54) और मोहम्मद आबिद (47) (निवासी मऊ जिला) को देवकली तारन मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पोर्टल सहायक आमिर हुसैन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि वर्ष 1998 में मदरसे की 'आलिया स्तर' की स्थायी मान्यता प्राप्त करने के लिए जमा किए गए भूमि संबंधी दानपत्र पूरी तरह फर्जी और कूटरचित थे। बाद में मदरसे को दूसरे स्थान पर शिफ्ट भी कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के निर्देश पर मदरसे की मान्यता निलंबित करते हुए केस दर्ज कराया गया था।

फर्जी पते और गलत जन्मतिथि पर बनवाए दोबारा पासपोर्ट

दूसरे मामले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है:

  1. मोहम्मद आसिफ (35): मेंहनगर थाना पुलिस ने हरिवंश नगर निवासी मोहम्मद आसिफ को लखराव पोखरा के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने पहले से जारी पासपोर्ट के विवरण (जैसी जन्मतिथि, पिता का नाम व पता) को छिपाकर कूट रचित कागजातों के सहारे नया पासपोर्ट बनवा लिया था।

  2. खुन्नू (52): कंधरापुर थाना पुलिस ने गौरी नरायनपुर निवासी खुन्नू को मोतीगंज बाजार के पास से दबोचा। खुन्नू ने भी अपने पुराने पासपोर्ट की जन्मतिथि बदलकर फ्रेश कैटेगरी में नया पासपोर्ट हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।