Ayodhya Case: अयोध्या दान प्रकरण में CM योगी का बड़ा फैसला, SIT को मिला 15 जुलाई तक का समय
गहन छानबीन के लिए विशेष जांच दल की समय-सीमा बढ़ी; शुरुआती रिपोर्ट के बाद 8 नामजद आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
लखनऊ/अयोध्या (भदैनी मिरर): अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में सामने आए दान प्रकरण की जांच अब और अधिक गहनता से की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दे दिया है। दरअसल, जांच के दायरे को विस्तृत करने और हर पहलू की बारीकी से छानबीन करने के लिए एसआईटी ने ही मुख्यमंत्री से कुछ और वक्त मांगा था, जिसे सहर्ष स्वीकार कर लिया गया।
'दूध का दूध और पानी का पानी होगा', दोषियों पर सख्त रुख
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अपील पर इस विशेष जांच दल का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इस पूरे मामले की सघन और निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सत्य सबके सामने आ सके। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा है कि धार्मिक क्षेत्र में इस तरह की गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
शुरुआती रिपोर्ट के बाद हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इससे पहले, गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में की गई कड़े एक्शन की सिफारिशों के आधार पर ही 25 जून को बड़ी कार्रवाई देखने को मिली थी। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस मुस्तैदी दिखाते हुए सभी नामजद अभियुक्तों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अब 15 जुलाई को आने वाली फाइनल रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।