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अयोध्या: मानहानि के दावे पर रामदेव पर बरसे बृजभूषण शरण सिंह, बोले— "वे मिलावटखोरों के सरगना हैं"

पतंजलि के 500 रुपये वाले घी पर उठाया सवाल; कहा- "₹900 लागत की चीज ₹500 में कैसे बिक सकती है?"

 

अयोध्या / भदैनी मिरर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने योग गुरु बाबा रामदेव और उनकी संस्था पतंजलि द्वारा किए गए मानहानि के दावे को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने रामदेव पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें 'मिलावट करने वालों का सरगना' करार दिया और खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावटखोरी पर गंभीर सवाल खड़े किए।

2022 के बयान से शुरू हुआ विवाद

मामले का विवरण देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि यह विवाद साल 2022 का है। उन्होंने कहा:

"एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मैंने लोगों को समझाया था कि खुद गाय पालें, अपनी सब्जियां उगाएं और घर पर शुद्ध दूध-घी बनाएं। वरना रामदेव का घी खाकर आपके बच्चे सेहतमंद और पहलवान नहीं बन सकते।"

"₹900 लागत की चीज ₹500 में कैसे बेच रहे?"

पूर्व सांसद ने बताया कि इस बयान के अगले ही दिन पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा:

"मैंने बालकृष्ण से सीधा गणित पूछा था कि अगर 30 लीटर गाय के दूध से 1 किलो शुद्ध घी निकलता है और दूध की कीमत ₹30 प्रति लीटर मान ली जाए, तो केवल कच्चे माल की लागत ₹900 बैठती है। ऐसे में जो चीज बनने में ₹900 की लागत ले रही है, उसे बाजार में ₹500 में कैसे बेचा जा सकता है? इस बात का जवाब उनके पास आज तक नहीं है।"

"मानहानि का दावा भी एक तरह से पब्लिसिटी है"

रामदेव की ओर से मानहानि के दावे की बात पर चुटकी लेते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह भी एक तरह से अच्छी पब्लिसिटी (प्रचार) ही है। उन्होंने देश में बढ़ रही बीमारियों और कैंसर पर चिंता जताते हुए कहा कि आज बाजार में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बिक रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा:

"मैं यह तो नहीं कहूंगा कि मिलावटखोरी के लिए अकेले रामदेव जिम्मेदार हैं, लेकिन वे मिलावट करने वालों के सरगना जरूर हैं। देर-सवेर सरकार को खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाना ही पड़ेगा, क्योंकि अब बाजार के खाने-पीने की चीजों पर भरोसा नहीं रहा।"