IITकानपुर में अब एक और आत्महत्या, महिला टेक्नीशियन ने फांसी लगाकर दे दी जान
झारखंड के जादू गोडा पूर्व सिंह भूमि के यूसीआइएल के सेक्टर सी की रहने वाली थी अंजू
रूम से मिली डायरी, कुछ दिन बाद होनी थी सगाई
कानपुर। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल IIT कानपुर में आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। यहां कल्याणपुर स्थित आइआइटी परिसर में महिला जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी (29) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के साथ ही आईआईटी कानपुर में 46 दिन में यह तीसरी घटना है। इन घटनाओं को देखते हुए अब लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या बात है जिसके कारण आत्महत्याएं हो रही हैं।
जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी मूलरूप से झारखंड के जादू गोडा पूर्व सिंह भूमि के UCIL के सेक्टर सी की रहने वाली थी। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। मौके की जांच के बाद पुलिस ने अंजू के पिता राजनन्दन रविदास को घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अंजू कुमारी तीन साल से कार्यरत थी। रोज की तरह वह शुक्रवार देर शाम ऑफिस से कैंपस में बने रूम नंबर-102 में चली गई थी। देर रात को ही उन्होंने अपने दुप्पटे से पंखे के सहारे लटक कर फांसी लगा ली। सुबह जब ऑफिस जाने के लिए साथी युवती आई तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई आहट ना आने तो अनहोनी की आशंका हुई। इस पर युवती ने IIT मैनेजमेंट को जानकारी दी। एडीसीपी वेस्ट ने बताया कि जांच के दौरान रूम से एक डायरी मिली है। युवती ने डायरी में अपनी निजी जिंदगी को लेकर काफी कुछ लिखा है। डायरी पढ़ने के बाद पता चला कि युवती की कुछ दिन बाद सगाई होनी थी।
गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को पीएचडी छात्र रामस्वरूप ईशराम और 29 दिसंबर को बीटेक छात्र जय सिंह मीणा ने भी आत्महत्या की थी। इसके अलावा 20 जनवरी को राजस्थान के चुरु जिले के विद्यासर के गिरिवरसर निवासी रामस्वरूप ईशराम (28) ने बिल्डिंग की छठवीं मंजिल से छलांग लगा दी थी। वह आईआईटी से डिपार्टमेंट आफ अर्थ साइंस से PHD कर रहे थे। जुलाई 2023 में आए थे और पत्नी मंजू और दो साल की बेटी के साथ आईआईटी परिसर की न्यू एसबीआरए बिल्डिंग के कमरा नंबर-एए 21 में रहते थे। इससे भी पहले 29 दिंसबर की सुबह जयसिंह मीणा ने आत्महत्या की थी। जय सिंह ने वर्ष 2020 में बीटेक के बायोलाजिकल सांइसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश लिया। चार साल का बीटेक कोर्स 2024 में पूरा होना था। बैकपेपर के कारण उसे अधिक समय लगा और 2025 की वार्षिक परीक्षा में भी वह सभी प्रश्नपत्र में उत्तीर्ण नहीं हो सका। दिसंबर में शुरू हुए प्लेसमेंट की प्रक्रिया में भी वह अपनी डिग्री अधूरी रहने के कारण शामिल नहीं हो सका था।
2023 से अबतक की खुदकुशी की घटनाएं
19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक डा. पल्लवी चिल्का
10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा
18 जनवरी 2024 : PHD छात्रा प्रियंका जायसवाल
10 अक्टूबर 2024 : PHD छात्रा प्रगति
10 फरवरी 2025 : PHD रिसर्च स्कालर अंकित यादव
25 अगस्त 2025 : साफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
01 अक्टूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी
29 दिसंबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष छात्र जयसिंह मीणा
20 जनवरी 2026ः पीएचड़ी कर रहे छात्र स्वरूप ईश्वराम
14 फरवीर 2026ः महिला जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी
इन घटनाओं ने अभिभावकों और परिसर में रहनेवालों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खुदकुशी की घटनाओं के पीछे किसी के एंजाइटी से पीड़ित होने तो किसी के अवसादग्रस्त होने की बात सामने आई। इनमें से कुछ ऐसे भी छात्र है जिनकी काउंसिलिंग की जा रही थी। इसके बाद भी उन्होंने आत्महत्या कर ली। जांच कमेटियां बनी और रिपोर्ट भी आईं, विरोध प्रदर्शन हुए लेकिन मामला सुलझने के वजाय और उलझता जा रहा है।