शिल्पी हत्याकांड के पीड़ितों से मिले अखिलेश यादव, 5 लाख की मदद और CBI जांच की मांग; बोले- 'सामाजिक न्याय का राज ही मिटाएगा अन्याय'
बड़ी घोषणा: अखिलेश यादव ने मृतका शिल्पी कुशवाहा के परिजनों को सौंपी 5 लाख की आर्थिक सहायता।
हरदोई (भदैनी मिरर): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को हरदोई जनपद के मल्लावां पहुंचे। यहाँ उन्होंने गढ़ी रसूलपुर गांव में हत्याकांड की शिकार हुई शिल्पी कुशवाहा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और पार्टी की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की।
अखिलेश का तीखा हमला: 'लापरवाह अधिकारियों को करें टर्मिनेट'
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सपा अध्यक्ष ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जिन अधिकारियों ने यह दावा किया था कि बेटी संतुष्ट है, और उसके बाद भी उसकी जान चली गई, ऐसे अफसरों को तत्काल नौकरी से बर्खास्त (Terminate) कर देना चाहिए।" उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्षता के लिए CBI जांच कराई जाए ताकि असली दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को सजा मिल सके।
'न्याय के बदले मिला सिर्फ आश्वासन'
अखिलेश यादव ने कहा कि शिल्पी का परिवार न्याय के लिए बार-बार थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उन्हें वह सुरक्षा और न्याय नहीं मिला जिसकी दरकार थी। उन्होंने कहा, "बेटी खुद थाने गई थी, लेकिन सिस्टम ने उसे निराश किया। यह दुखद है कि गरीब और कमजोर को वर्चस्ववादी लोग निशाना बना रहे हैं और सत्ता मूकदर्शक बनी हुई है।"
गाजीपुर का जिक्र और 'सामाजिक न्याय' की हुंकार
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जब वे विश्वकर्मा समाज की बेटी को न्याय दिलाने गए, तो वहां दंगा फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना बयान साझा करते हुए कहा कि सकारात्मक शक्ति वही है जिसमें रक्षण का भाव हो, शोषण का नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब देश में 'सामाजिक न्याय का राज' आएगा, तभी गरीबों पर होने वाले ऐसे अत्याचार खत्म होंगे।
प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर भी बरसे
बता दें कि 13 अप्रैल को शिल्पी कुशवाहा की हत्या कर दी गई थी। इससे पहले 23 अप्रैल को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया था। अखिलेश यादव ने इस पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता ही इस अन्याय के खिलाफ असली लड़ाई लड़ेगी और जीतेगी।