सोना-चांदी की महंगाई पर अखिलेश यादव का हमला, बोले-‘भ्रष्टाचार का ठोसीकरण’
Gold-Silver Price Hike: सपा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल, बढ़ती कीमतों को बताया भ्रष्ट-भाजपाई अर्थव्यवस्था का नया कांसेप्ट
लखनऊ | सोना और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए मौजूदा आर्थिक हालात को “भ्रष्ट-भाजपाई अर्थव्यवस्था का नया कांसेप्ट” करार दिया।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भाजपा शासन में एक नई आर्थिक अवधारणा उभर कर सामने आई है, जिसे उन्होंने “भ्रष्टाचार का ठोसीकरण” नाम दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट तरीकों से कमाए गए नकद और तरल धन को बहुमूल्य धातुओं, जैसे सोना और चांदी, में बदला जा रहा है।
‘मूल्य बढ़ने पर भी घटती नहीं, बढ़ती है मांग’
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा राज में यह एक अजीब आर्थिक स्थिति है, जहां बहुमूल्य धातुओं के दाम बढ़ने के बावजूद उनकी मांग घटने के बजाय और बढ़ जाती है। इससे कीमतें और ऊपर चली जाती हैं और यह एक दुष्चक्र का रूप ले लेता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सोना-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं के दाम बढ़ने से समाज पर नकारात्मक असर पड़ता है।
उनके अनुसार, कीमतों में उछाल के साथ ही चोरी, सेंधमारी, लूटपाट, राहजनी, छिनैती जैसी घटनाओं में तेजी आती है।
उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन भाजपा शासन में पहले से ही कमजोर पुलिस व्यवस्था पर और दबाव बढ़ जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि पुलिसिंग निष्क्रिय होती जाती है और अपराधी तत्व ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।
‘AI से करवा लें विश्लेषण’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर किसी को उनकी बातों पर विश्वास न हो, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सोना-चांदी की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी और उसके सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण करवा लिया जाए।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और अमेरिकी टैरिफ नीति के चलते देशभर में सोना और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिस पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।