{"vars":{"id": "125128:4947"}}

आगरा सपा में भारी घमासान: महिला नेत्री मोनिका नाज का कार से टक्कर का आरोप

सपा झंडा लगी कार से हमले का दावा; पुलिस को मिला स्कूटी फिसलने का CCTV फुटेज; फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद थाना सदर तक पहुंचा

 

आगरा / भदैनी मिरर:

समाजवादी पार्टी की आगरा महानगर इकाई में अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गई है। एक तरफ जहां सपा की महिला नेत्री मोनिका नाज खान ने पार्टी का झंडा लगी कार से जानबूझकर टक्कर मारकर हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ उत्पीड़न और दुष्प्रचार से आहत होकर पार्टी के दो प्रमुख महानगर उपाध्यक्षों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

सपा नेत्री का आरोप— कार से मारी टक्कर, पुलिस बोली— 'फिसली स्कूटी'

सपा महिला नेता मोनिका नाज खान बृहस्पतिवार रात अपने पति साबिर के साथ स्कूटी से दिल्ली गेट से खाना पैक कराकर घर लौट रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि रवि हॉस्पिटल के सामने सपा का झंडा लगी एक संदिग्ध कार ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जांच में जुट गई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए हैं, जिसमें स्कूटी अचानक फिसलकर गिरती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि, महिला नेता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है।

फेसबुक पोस्ट से भड़का विवाद, दर्ज हुई प्राथमिकी

इस घटना से ठीक पहले, सपा के महानगर उपाध्यक्ष जमील खान ने थाना सदर में मोनिका नाज खान के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। जमील खान का आरोप है कि 10 सितंबर को उन्होंने फेसबुक पर '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' लिखकर एक सामान्य मुहावरा पोस्ट किया था।

आरोप है कि इस पोस्ट से बौखलाकर मोनिका नाज ने उन्हें फोन पर अभद्र भाषा, अपमानजनक संदेश और जान से मारने की धमकियां दीं, जिससे उनका परिवार दहशत में आ गया। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की विधिक कार्रवाई कर रही है।

आत्मसम्मान की दुहाई देकर दो उपाध्यक्षों का इस्तीफा

महानगर संगठन में मचे इस बवाल के बीच बृहस्पतिवार को सपा के दो महानगर उपाध्यक्षों— जमील खान और नासिर उर्फ रोहित ने अपने-अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार दुष्प्रचार किया जा रहा है और परिवार की महिलाओं को फोन कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शीर्ष पदाधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई सहयोग न मिलने पर उन्होंने यह कदम उठाया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए केवल पद छोड़ा है, लेकिन वे समाजवादी पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहेंगे।a