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Agra News: आगरा में कोचिंग संचालक की आग में जलकर मौत, 72 घंटे तक नहीं पहुंचे परिजन

आवास विकास कॉलोनी की दर्दनाक घटना; लकवाग्रस्त विनय बोस का भाई भी लापता, छत्तीसगढ़ के पते से परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस

 

भदैनी मिरर (आगरा डेस्क): उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित आवास विकास कॉलोनी (सेक्टर-10) में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां किराए के मकान में आग लगने से गंभीर रूप से जले कोचिंग संचालक विनय बोस की मौत के बाद 72 घंटे तक कोई परिजन सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर नियम अनुसार लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया है।

हालांकि, भविष्य में शिनाख्त और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए पुलिस ने मृतक के कपड़े एवं अन्य व्यक्तिगत सामान को सुरक्षित रख लिया है।

लकवाग्रस्त थे विनय बोस, भाई भी अचानक हुआ लापता

जानकारी के मुताबिक, कोचिंग संचालक विनय बोस आगरा में किराए का कमरा लेकर रहते थे और वह लकवा (Paralysis) की बीमारी से पीड़ित थे। उनके साथ उनके भाई सुनील बोस भी रहते थे।

  • 30 अगस्त की घटना: 30 अगस्त को मकान से घना धुआं निकलता देख स्थानीय पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, तब तक विनय की जलने से मृत्यु हो चुकी थी।

  • लापता भाई: घटना के समय उनका भाई सुनील बोस घर पर मौजूद नहीं था। पड़ोसियों ने बताया कि वह हादसे से दो दिन पहले ही कहीं चला गया था।

छत्तीसगढ़ का मिला पता, पुलिस टीम जुटी तलाश में

पुलिस को मौके से मिले पहचान संबंधी दस्तावेजों से छत्तीसगढ़ का एक पता मिला था, जिसके आधार पर परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जब कोई भी रिश्तेदार या परिजन आगरा नहीं पहुंचा, तब प्रशासनिक औपचारिकताओं के बाद पोस्टमार्टम कराया गया।

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का मुख्य कारण 'अग्नि से जलना' (burns) सामने आया है। मृतक के परिजनों और लापता भाई सुनील बोस का सुराग लगाने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।