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पत्नी की मौत के बाद लाश के साथ 24 घंटे तक रहा, पुलिस के आने से पहले भाग निकला पति

गाजियाबाद स्थित खोड़ा थानाक्षेत्र के नवनीत विहार में विवाहिता चांदनी की संदिग्ध मौत का मामला

 

श्वसुर ने लगाया हत्या का आरोप, आरोपित पति ने बताया चांदनी ने लगा ली थी फांसी

कमरे में खून से लथपथ मिला था चांदनी का शव, मां की छाती से चिपकर रो रही थी डेढ़ साल की बेटी

गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद स्थित खोड़ा थानाक्षेत्र के नवनीत विहार में किराये पर रहने वाली चांदनी (26) की मौत के पांच दिन बाद रविवार को पुलिस ने उसके पति विपिन केवट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विपिन ने 15 फरवरी को चांदनी की मौत के बाद 24 घंटे तक वह वहीं शव के साथ रहा। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस इस मामले के अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है। इस मामले में मृतका चांदनी के पिता सुनील केवट ने दामाद समेत तीन ननद और छह बहनोई को नामजद किया है। 

गौरतलब है कि 15 फरवरी को नवनीत विहार में पूनम नाम की महिला के मकान में किराये पर रहनेवाली चांदनी का शव कमरे की जमीन पर मिला था। शव खून में लथपथ था और मां की छाती से उसकी डेढ़ वर्षीया बेटी लिपटी थी। 15 फरवरी की देर रात पहले मकान मालिकिन ने शव देख तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब पहुंची तब तक चांदनी के पति व अन्य रिश्तेदार भाग चुके थे। बिहार के नालंदा के रहने वाले सुनील केवट लोनी में रहकर मजदूरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि तीन साल पहले उन्होंने बेटी चांदनी की शादी खोड़ा निवासी विपिन केवट से की थी। पिछले 15 दिन से चांदनी अपनी डेढ़ वर्ष की बेटी और पति के साथ खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी में पूनम के घर में किराये पर रह रही थीं। रविवार रात पूनम ने चांदनी का शव कमरे में खून से लथपथ हालत में देखा। उन्होंने पड़ोसियों को बताया और बिहार फोन कर चांदनी की मां को जानकारी दी।

इसके बाद पिता सुनील केवट लोनी से खाड़ा पहुंचे। पिता का आरोप है कि दामाद ने बेटी का गला काटकर 13 फरवरी को हत्या कर दी थी। इसके बाद से वह भी उसी कमरे में रहा और 15 फरवरी की दोपहर को वह फरार हो गया। हालाकि पूछताछ में विपिन ने पुलिस को बताया कि चांदनी की मौत के बाद वह 24 घंटे तक शव के साथ रहा। इसके बाद भाग निकला। विपिन ने बताया कि चांदनी ने 15 फरवरी को फांसी लगाई थी। उसने फंदे से उतारने का प्रयास किया तब वह जमीन पर गिर पड़ी और उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। खून निकलता देख वह घबरा गया। यहां तक कि 16 फरवरी की दोपहर तक वह शव के साथ ही कमरे में रहा। उसे अस्पताल भी लेकर नहीं गया और न ही किसी को सूचना दी। फिर डर की वजह से वह बच्ची को छोड़कर भाग गया।