खुद को गोली मारकर सगे भाईयों ने गंगा में फेंक दिया तमंचा और विपक्षियों को फसाया
पुलिस ने जांच के बाद किया खुलासा, दोनों भाई गिरफ्तार
घायल के बयान, साक्ष्य और काल डिटेल से गहराया शक
बलिया। यूपी के बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के गंगा पार स्थित भुआल छपरा-नौरंगा गांव में भूमि विवाद मामले में पुलिस ने चौकानेवाला खुलासा किया है। इस मामले में अपने विरोधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करानेवाले अशोक ठाकुर ने खुद को गोली मारी थी और तमंचा गंगा में फेंक दिया था। विरोधियों को फसाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा भी कायम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने अशोक ठाकुर और उसके भाई रविंद्र ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव में फसल काटने और जमीन के विवाद को रविंद्र और अशोक ठाकुर का विरोधियों से कोर्ट में पहले से मुकदमा चल रहा है। इसी रंजिश में दोनों भाइयों ने विपक्षियों को फंसाने की साजिश रची। साजिश के तहत मंगलवार को अशोक ठाकुर ने खुद को तमंचे से गोली मार ली। इसके बाद नारायण ठाकुर, घूरन ठाकुर, कृष्णा ठाकुर और विष्णु ठाकुर पर जान से मारने की नीयत से गोली मारने का आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने घायल अशोक ठाकुर का बयान लिया और घटनास्थल के साक्ष्य जुटाये, मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स खंगाले गये।
जांच के दौरान पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन पूछताछ की, तब असलियत सामने आ गई। पूछताछ में रविंद्र ठाकुर ने स्वीकार किया कि विपक्षी पक्ष को फंसाने के इरादे से उसने ही अपने भाई अशोक ठाकुर के बाएं हाथ में गोली मारी थी। ताकि जमीन विवाद में चल रहे मुकदमे में विपक्षियों को फंसा सकें। तमंचे के बारे में दोनों भाईयों ने बताया कि उसे गंगा नदी में फेंक दिया गया। अब पुलिस तमंचे की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
क्षेत्राधिकारी मोहम्मद फहीम कुरैशी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह पूरी घटना सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। झूठे आरोप लगाकर निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों रविंद्र और अशोक ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया।