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सोची-समझी राजनीति साजिश है शंकराचार्य के खिलाफ कार्रवाई, सड़क से संसद तक होगी लड़ाई-संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के सांसद ने लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान योगी सरकार को लिया निशाने पर

 
बसपा विधायक उमाशंकर के यहां छापे पर कहा-जब मेरे यहां छापे पड़े थे तब वे भाजपा के पक्ष में बयान दे रहे थे

लखनऊ। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा किसी की भी सगी नहीं है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कार्रवाई सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। वह अपने हितों के लिए शंकराचार्य को भी टारगेट कर रहे हैं। उन्होनें चेतावनी भरे अंदाज में कहाकि अगर शंकराचार्य के खिलाफ दमनात्मक कार्यवाही की गई तो पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।

प्रदेश मुख्यालय पर प्रेसवार्ता में आप सांसद व प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में आंकड़ों की बाजीगरी की है। निर्धारित बजट घटाकर फिर उसमें बढ़ोत्तरी दिखाई गई है और यह जनता के साथ विश्वासघात है। बसपा विधायक उमाशंकर के ठिकानों पर आयकर के छापे पर उन्होंने कहा कि जब मेरे ऊपर छापे पड़े थे, तब उमाशंकर भाजपा के पक्ष में बयान दे रहे थे। लेकिन किसी के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के कारण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अगर उमाशंकर सिंह ने कुछ गलत नहीं किया है तो उनके साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहाकि सरकार का यूजीसी बिल समाज को जातीय आधार पर बांटने की साजिश है।

हालत यह है कि प्रदेश के सैकड़ों स्कूलों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की लैब तक नहीं हैं। उन्होंने केंद्र और यूपी की सरकार पर निशना साधते हुए कहाकि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराया जाना चाहिए। इससे बीडीसी और सदस्यों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि उनकी पार्टी चार से नौ अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार-सामाजिक न्याय दो यात्रा’ का चौथा चरण निकालेगी। लोगों को जनता को बजट की सच्चाई बताई जाएगी और रोजगार के मुद्दे पर जागरूक किया जाएगा।