पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए चलेंगी 250 अतिरिक्त बसें,किराए में 50% की छूट
वाराणसी से जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जाने वाले परीक्षार्थियों को मिलेगी बड़ी राहत; एडमिट कार्ड दिखाकर उठा सकेंगे लाभ, जानें कब तक वैध है यह स्कीम।
वाराणसी डेस्क, भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल हो रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। परिवहन निगम ने परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बस किराए में 50 फीसदी (50%) की भारी छूट देने का एलान किया है।
एडमिट कार्ड दिखाते ही आधा हो जाएगा बस का किराया
वाराणसी के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने भदैनी मिरर को बताया कि यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, परीक्षा देने जा रहे छात्रों को एक जनपद से दूसरे जनपद की यात्रा करने के लिए यह विशेष रियायत दी जा रही है।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को बस में यात्रा करते समय परिचालक (कंडक्टर) को अपना मूल एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा। एडमिट कार्ड देखते ही उनका किराया आधा कर दिया जाएगा।
वाराणसी से गाजीपुर, जौनपुर और सोनभद्र के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से वाराणसी आने और यहाँ से दूसरे जिलों में जाने वाले छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम पूरी तरह मुस्तैद है।
-
इन रूटों पर विशेष नजर: वाराणसी से गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, शक्तिनगर, सोनभद्र आदि मार्गों पर यात्रा करने वाले छात्रों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
-
250 अतिरिक्त बसें तैनात: परिवहन निगम ने इस मुहिम के तहत लगभग 250 अतिरिक्त बसों को रूटों पर उतारा है, जो सामान्य फेरों के अलावा एक्स्ट्रा ट्रिप लगाएंगी ताकि स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की भीड़ जमा न हो सके।
10 तारीख की आधी रात तक मिलेगा योजना का लाभ
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने समय सीमा को स्पष्ट करते हुए बताया कि बसों में किराए की यह 50% छूट 10 तारीख की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक प्रभावी रूप से लागू रहेगी। इसके बाद सामान्य किराया लिया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल अभ्यर्थियों की जेब पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में भी बड़ी मदद मिलेगी।