गोरखपुर : घर से निकले 18 साल के वेटर अभिषेक की चाकू घोंपकर हत्या, खेत में मिली लाश
शराब की खाली बोतल और पानी की खाली बोतलें दे रही थीं हत्या की गवाही
गोरखपुर। गोरखपुर के गीडा थाना इलाके में शादी-विवाह में वेटर का काम करने वाला अभिषेक सिंह (18) घर से निकला और शनिवार की रात चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को पेवनपुर गांव के खेत में फेंक दिया गया। शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि अभिषेक शादी-विवाह में वेटर का काम करता था। इस मामले में पिता विजय सिंह ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। पिता की तहरीर के आधार पर गीडा थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
शनिवार सुबह सात बजे पेवनपुर गांव के ग्रामीण जब खेत की ओर जा रहे थे, तभी चकरोड किनारे खेत में युवक का शव पड़ा देखा। पास जाकर देखा तो शरीर खून से लथपथ था। गर्दन ओर पेट पर गहरे घाव के निशान थे। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर गीडा थाना पुलिस के साथ पहुंचे एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार, सीओ आईपीएस अरुण एस ने घटनास्थल की जांच की। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया और उन्होंने भी जांच की। पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्या से पहले युवक ने बचने के लिए काफी संघर्ष किया था। मौके पर पैरों के निशान और बिखरी हुई मिट्टी युवक के जान बचाने के लिए जद्दोजहद की ओर इशारा कर रही थी। शव के पास आपत्तिजनक सामान भी मिला। कुछ दूरी पर सरसों के खेत से शराब और पानी की बोतलें मिलीं। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि वारदात से पहले वहां शराब पी गई होगी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया होगा। शव की जेब से मिले कागजात के आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान नौसड़ निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई। अभिषेक के गले और पेट पर चाकू से हमले के निशान थे। चाकू सीने में फंसकर टूट गई थी। अभिषेक के पिता विजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम को वह पैदल ही घर से निकला था, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा। परिजनों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल फोन बंद मिला। दो भाइयों में अभिषेक बड़ा और अविवाहित था। पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले अभिषेक का हरैया क्षेत्र के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। आरोप लगाया कि उसी रंजिश के चलते उनके बेटे की हत्या की गई है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों को नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, मिट्टी और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। डॉग स्क्वॉड की मदद से हमलावरों के संभावित रास्तों की जांच की गई। इस जांच में आधार तो मिले लेकिन ठोस साक्ष्य नही मिला। तब पुलिस ने आसपास के गांवों में पूछताछ की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड व सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस का मानना है कि रंजिश में नशे की हालत में हुए विवाद के साथ आशनाई के एंगल भी हत्या का कारण हो सकता है। थानाप्रभारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि हत्या से पहले और बाद में घटनास्थल पर पैरों के निशान, मिट्टी के बिखरे साक्ष्य और अन्य वस्तुएं मिली हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर फॉरेंसिक टीम ने खून, मिट्टी और शराब के सैंपल लिए हैं। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होगी। पुलिस मृतक और हिरासत में लिए गए चार संदिग्धों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
अभिषेक वेटर का काम कर परिवार का खर्च उठाता था। बताते हैं कि कुछ दिनों पहले अभिषेक का हरैया क्षेत्र के युवकों से विवाद हुआ था। इसी आधार पर पिता ने पांच नामजद युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। लोगों ने बताया कि अभिषेक शांत स्वभाव का था और किसी से भी लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था। पुलिस आशनाई और पुरानी रंजिश को कारण मानकर जांच कर रही है। मोबाइल का गायब होना हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम कड़ी है। कॉल डिटेल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।