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कर्ज में डूब गया था पिता, बच्चों की छूट गई थी पढ़ाई तो 12 वर्षीय बेटी ने लगा ली फांसी

बेटे के इलाज के लिए ई-रिक्श चालक ने ले लिया था ढाई लाख का कर्ज

 

फीस न दे पाने के कारण तीन बच्चों की छूट गई थी पढ़ाई

मां और भाई गये थे खेत, तभी बच्ची ने कर ली खुदकुशी

कानपुर। कानपुर के बिधनू में हुई दर्दनाक घटना ने सबको झंकझोर कर रख दिया। बेटे के इलाज में ढाई लाख के कर्जदार बने ई-रिक्शा चालक पिता की 12 साल की बेटी मुस्कान ने बुधवार की शाम फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पिता पर कर्ज के बोझ के कारण बेटी समेत उसके तीनों बच्चों की पढ़ाई छूट गई थी। पढ़ाई छूटने और पिता के कर्ज से दुखी बेटी ने अपनी ही इहलीला समाप्त कर ली। घटना के वक्त बेटी घर में अकेली थी। खेत से मां और भाई लौटे तो फंदे पर लटकी उसकी लाश मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

बिधनू के अरखइया गांव निवासी छविराम ईदृरिक्शा चालक है। परिवार में पत्नी वंदना दो बेटे अंकुश, लवकुश और 12 वर्षीय बेटी मुस्कान थी। पिता छविराम ने बताया कि उनकी इकलौती मुस्कान आठवीं की छात्रा थी जबकि दोनों बेटे कक्षा छह में पढ़ते हैं। चार माह पहले बेटे लवकुश की दिमाग की नस फट गई थी। उन्होंने उसका ऑपरेशन करवाया था। बेटे के इलाज के लिए ब्याज पर ढाई लाख रुपये का कर्ज ले लिया था। इससे परिवार की माली हालत खराब हो गई। बच्चों की फीस जमा नही कर पाया तो तीनों की पढ़ाई भी ठप हो गई। बुधवार को छविराम ई-रिक्शा चलाने चला गया।

छोटा बेटा लवकुश ननिहाल में था। पत्नी, बेटे अंकुश के साथ खेत में चारा लेने चली गई थी। इसी बीच घर में अकेली बेटी मुस्कान ने साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम पत्नी और बेटा खेत से लौटे तो मुस्कान का शव फंदे पर लटकता देखकर शोर मचाया। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि बेटे के इलाज में बच्ची के पिता पर कर्ज हो गया था। सभी बच्चों की पढ़ाई छूट गई थी। पढ़ाई छूटने के कारण खुदकुशी की आशंका है।