वाराणसी: नवजात के इलाज में लापरवाही पर अस्पताल में हंगामा, परिजनों से मारपीट और छेड़खानी का आरोप; प्राथमिकी दर्ज
कैंट थाना क्षेत्र के वैष्णवी हॉस्पिटल का मामला: डॉक्टरों पर आरोप, इलाज की जानकारी मांगने पर बुलाए 20-25 युवक
वाराणसी (भदैनी मिरर)। कैंट थाना क्षेत्र स्थित भुवनेश्वर नगर के एक निजी अस्पताल (वैष्णवी हॉस्पिटल) में नवजात शिशु के इलाज के दौरान घोर लापरवाही बरतने का गंभीर मामला सामने आया है। बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर जब परिजनों ने डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए, तो आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बातचीत के बजाय रंगदारी दिखाई और 20-25 बाहरी युवकों व कथित वकीलों को बुलाकर परिजनों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और छेड़खानी की।
पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद डॉक्टरों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सामान्य प्रसव के बाद बेहतर इलाज के लिए कराया था भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के गोइठां निवासी अश्वनी कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी का काजीसराय स्थित एक क्लीनिक में सामान्य प्रसव हुआ था। प्रसव के उपरांत डॉ. मंजू शर्मा की सलाह पर बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए नवजात को बीते 25 अक्तूबर को कैंट के भुवनेश्वर नगर स्थित वैष्णवी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में डॉ. बीके सिंह (बिजेंद्र कुमार सिंह) और डॉ. एके सिंह की देखरेख में बच्चे का इलाज चल रहा था।
30 अक्तूबर को बिगड़ी स्थिति, सवाल पूछने पर बुलाया मनबढ़
शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार गुप्ता के अनुसार, 30 अक्तूबर को अचानक नवजात शिशु की तबीयत काफी बिगड़ गई। जब परिजनों ने स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों से इलाज के संबंध में जानकारी मांगी और लापरवाही का आरोप लगाया, तो डॉक्टर भड़क गए।
आरोप है कि डॉक्टरों ने उचित जवाब देने और बच्चे को संभालने के बजाय तुरंत फोन करके करीब 20-25 अज्ञात युवकों और वकीलों को बुला लिया। अस्पताल पहुंचे इन लोगों ने परिजनों के साथ न केवल धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की, बल्कि बुरी तरह मारपीट भी की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष ने उनकी बहन के साथ छेड़खानी की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तत्काल स्थानीय कैंट थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
कैंट थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर डॉ. बीके सिंह, डॉ. एके सिंह तथा अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।