पुलिस vs वकील: वाराणसी में हाई-वोल्टेज क्रिकेट मैच, CP मोहित अग्रवाल की टीम विजयी
वाराणसी पुलिस लाइन मैदान में पुलिस कमिश्नरेट, बनारस सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के बीच हुआ 15-15 ओवर का मुकाबला; आपसी समन्वय व सौहार्द बढ़ाने की पहल।
वाराणसी। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और सौहार्द को मजबूत बनाने की पहल के तहत शनिवार को पुलिस लाइन मैदान में एक शानदार मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस विशेष मुकाबले में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी, बनारस सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन की टीमों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल स्वयं मैदान में उतरे और पुलिस टीम की कप्तानी करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से दोनों पक्षों के बीच विश्वास, समझ और संवाद पहले से अधिक मजबूत होते हैं।
रोमांच से भरा मैच, पुलिस टीम रही विजयी
15–15 ओवर के इस मुकाबले की शुरुआत से अंत तक रोमांच बरकरार रहा। शुरुआती ओवरों में पुलिस टीम को कुछ झटके जरूर लगे, लेकिन मध्य क्रम के मजबूत प्रदर्शन ने टीम को संभाल लिया।
मुकाबला आखिरी ओवर तक गया और पुलिस टीम ने शानदार जीत हासिल कर मैच अपने नाम किया। मैदान पर मौजूद दर्शकों ने पूरे मैच में उत्साहपूर्वक खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
जल्द लगेगी फ्लड लाइट, रात में भी होंगे मैच
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस लाइन मैदान में जल्द ही फ्लड लाइट की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। अनुमान है कि अगले 15 दिनों में काम पूरा हो जाएगा।
इस सुविधा के बाद रात में भी क्रिकेट और अन्य खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकेगा।
बार एसोसिएशन: खेल भावना सबसे बड़ी जीत
मुकाबले के बाद बार एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि—
“हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन असली जीत खेल भावना की होती है।”
उन्होंने पुलिस टीम को जीत की बधाई देते हुए बताया कि यह मैच एक “सीरीज” का हिस्सा है और आगे भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।
जो अधिवक्ता व्यस्तता के कारण इस बार नहीं खेल सके, उन्हें आगामी मैचों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने पुलिस और अधिवक्ताओं के संबंधों को “चोली-दामन का साथ” बताया और कहा कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
सकारात्मक संदेश
पुलिस–वकील संबंधों में सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से हुआ यह आयोजन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और बेहतर साझेदारी का संदेश देने वाला माध्यम बना।
ऐसे कार्यक्रमों से विभागों के बीच तालमेल और भी मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।