CWG 2026: नीरज चोपड़ा ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के जैवलिन थ्रो फाइनल में पहुंचे, रोहित और यशवीर ने भी बनाई जगह
कड़े मुकाबले और ठंडी हवाओं के बीच भारत के तीन स्टार जैवलिन थ्रोअर फाइनल की रेस में शामिल, नीरज ने किया शानदार कमबैक।
ग्लास्गो
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने गुरुवार (30 जुलाई 2026) को स्कॉटटाउन स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों की भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उनके साथ भारत के अन्य दो एथलीट रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर फाइनल का टिकट कटा लिया है।
चुनौतीपूर्ण मौसम और क्वालीफिकेशन का हाल
ग्लास्गो में चल रही ठंडी हवाओं और 18 डिग्री सेल्सियस के कम तापमान के कारण खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी कठिन थी कि कोई भी एथलीट 84 मीटर के स्वतः क्वालीफिकेशन (ऑटोमैटिक क्वालीफिकेशन) मार्क को पार नहीं कर सका। इसके चलते शीर्ष 12 थ्रोअर्स को फाइनल के लिए चुना गया।
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नीरज चोपड़ा: खराब मौसम और 18वें नंबर पर थ्रो करने की लंबी प्रतीक्षा के बावजूद, नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो फेंका और क्वालिफिकेशन राउंड में पांचवें स्थान पर रहे। सुरक्षित जगह मिलने के बाद उन्होंने अपना तीसरा प्रयास नहीं किया।
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रोहित यादव: रोहित ने अपने दूसरे प्रयास में 78.37 मीटर भाला फेंककर क्वालीफिकेशन राउंड में नौवां स्थान हासिल किया।
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यशवीर सिंह: 24 वर्षीय यशवीर ने अपने अंतिम और तीसरे प्रयास में 78.36 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए दसवां स्थान प्राप्त किया।
अन्य दिग्गजों का प्रदर्शन
श्रीलंका के शानदार फॉर्म में चल रहे रुमेश थरंगा पथिराज ने पहले ही दौर में 82.84 मीटर का थ्रो फेंककर क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, ग्रेनेडा के एंड्रयू पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम 78.63 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे, जबकि त्रिनिदाद और टोबैको के विश्व चैंपियन केशॉर्न वॉलकॉट 11वें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। हालांकि, 2014 के स्वर्ण पदक विजेता केन्या के जूलियस येगो 13वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए।
चोट के बाद वापसी और फाइनल मुकाबला
नीरज चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ की निचले हिस्से (लोअर बैक इंजरी) की चोट से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग से वापसी की थी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 के स्वर्ण पदक विजेता नीरज एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं और शुक्रवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में उनसे देश को स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीद है।