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वाराणसी: शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अलईपुर स्थित वरुणा नदी तट पर स्थित प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता; एडीसीपी काशी ने ड्रोन और CCTV से हो रही निगरानी

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। धर्म की नगरी काशी में शारदीय नवरात्र का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के दर्शन-पूजन का विधान है। इस अवसर पर अलईपुर स्थित वरुणा नदी के किनारे विराजमान मां शैलपुत्री के प्राचीन मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हाथों में नारियल, चुनरी, लाचीदाना और फूल-मालाएं लिए भक्त अनुशासित होकर मां के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पूरा मंदिर परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गुंजाइमान हो उठा।

मां शैलपुत्री के दर्शन का महत्व और पौराणिक मान्यता

शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार, जगदम्बा मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में अवतरित हुई थीं। कालांतर में वे देवाधिदेव भगवान शंकर की अर्धांगिनी पार्वती के रूप में जानी गईं। माना जाता है कि मां शैलपुत्री महान उत्साह वाली देवी और भय का नाश करने वाली हैं। इनकी आराधना से यश, कीर्ति, धन, विद्या और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मंदिर के महंत के अनुसार, जिन भक्तों के विवाह या अन्य मांगलिक कार्यों में अड़चनें आती हैं, वे यहां आकर मन्नत मांगते हैं और मां उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: ड्रोन, CCTV और 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात


शारदीय नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रखने के लिए 7 थाना प्रभारियों के साथ 150 महिला पुलिसकर्मी और दो शिफ्टों में लगभग 500 सिविल पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और ड्रोन कैमरों से लगातार सर्विलांस किया जा रहा है, साथ ही सादे कपड़ों में एलआईयू (LIU) की टीमें भी तैनात हैं।

घंटों की कतार के बाद भी चेहरे पर दिखा संतोष


दूर-दराज और स्थानीय क्षेत्रों (जैसे आशापुर) से आए श्रद्धालुओं में मां शैलपुत्री के दर्शन को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। आशापुर की रहने वाली श्रद्धालु पूजा ने बताया कि लगभग 3 घंटे लाइन में लगने के बाद उन्हें मां का अत्यंत सुलभ और भव्य दर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें मानसिक शांति और अपार प्रसन्नता मिली।