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Varanasi: गोपी राधा स्कूल में अष्टमी पर 108 कन्याओं का पूजन, नारी शक्ति के सम्मान का दिया संदेश

रवींद्रपुरी स्थित विद्यालय में भक्ति और उत्साह का माहौल, विधि-विधान से कन्या पूजन व भजन कार्यक्रम का आयोजन

 

वाराणसी: Varanasi के रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा प्राइमरी स्कूल एवं बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को वासंतिक नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर 108 गौरी स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया।

इस धार्मिक आयोजन में एलकेजी से लेकर कक्षा पांच तक की छात्राओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन, श्रृंगार और सम्मान किया गया।

नारी शक्ति के सम्मान का पर्व

कार्यक्रम का मुख्य सानिध्य प्रख्यात ज्योतिर्विद Chandramouli Upadhyay को प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि नवरात्रि नारी शक्ति की उपासना का पर्व है और कन्या पूजन उसी का प्रतीक है।

उन्होंने इसे समाज के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भी कुमारी कन्याओं का पूजन हमारी परंपरा और संस्कारों को जीवित रखता है।

विधि-विधान से हुआ पूजन

विद्यालय प्रबंधन द्वारा कन्याओं के पैर पखारे गए, उनका श्रृंगार किया गया और उन्हें फल, प्रसाद व दक्षिणा भेंट की गई।

इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शाह और निदेशिका डॉ. शालिनी शाह ने भी विधिवत पूजा-अर्चना की।

भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने माता के भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।

कन्या पूजन के इस आयोजन में बड़ी संख्या में अभिभावक, समाजसेवी और गणमान्य लोग भी शामिल हुए।

शिक्षा और संस्कार पर जोर

विद्यालय प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शाह ने कहा कि अष्टमी के दिन 108 कन्याओं का पूजन वर्षों से परंपरा के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि जागरूकता और शिक्षा से ही सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है।

वहीं उप प्रबंधक डॉ. अभिनव भट्ट ने कहा कि काशी में कन्या पूजन से मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

विशेष रहा आयोजन

कार्यक्रम में प्रधानाचार्या नीति जायसवाल, उप निदेशिका स्मृति साह, सहायक निर्देशिका सलोनी शाह, विद्यालय समन्वयक रत्नेश गोविंद सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कन्याओं का तिलक कर मौली बांधी गई और उनका आशीर्वाद लिया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।