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Varanasi Bharat Milap 2026: नाटी इमली में गूंजे जयकारे, 3.36 मिनट के महामिलन में सिमटा 483 साल पुराना इतिहास

नाटी इमली से लेकर जैतपुरा, लोहटिया और मैदागिन तक जुटी भारी भीड़; 'हर-हर महादेव' और 'सियावर रामचंद्र की जय' से गूंजा मैदान

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में बृहस्पतिवार को विश्वप्रसिद्ध 'भरत मिलाप' का आयोजन अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। नाटी इमली के ऐतिहासिक मैदान में भगवान श्रीराम और भरत के महामिलन के अलौकिक पल को देखने के लिए देश के कोने-कोने से लगभग 5 लाख श्रद्धालु उमड़े। पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के जयकारों से गूंज उठा।

3.36 मिनट का वह ऐतिहासिक और भावुक पल

चित्रकूट रामलीला समिति के व्यवस्थापक पं. मुकुंद उपाध्याय ने बताया कि काशी की यह ऐतिहासिक लीला 483 वर्ष पुरानी है। संत मेघा भगत द्वारा स्थापित यह परंपरा सदियों से उसी शुद्धता, अनुशासन और मर्यादा के साथ निभाई जा रही है।

भले ही यह महामिलन महज 3 मिनट 36 सेकंड का होता है, लेकिन इसके पीछे की भावना और धार्मिक महत्व अद्वितीय है। घड़ी की सुई जैसे ही तय मुहूर्त पर पहुंची, पुष्पक विमान रूपी रथ से उतरकर भगवान श्रीराम ने अपने प्राणप्रिय भाई भरत को गले लगा लिया। इस पावन क्षण को देख वहां मौजूद तमाम श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

500 मीटर के परिसर में नहीं थी पैर रखने की जगह

नाटी इमली से लेकर जैतपुरा, लोहटिया और मैदागिन तक चारों तरफ जिधर नजरें जाएं, उधर जनसैलाब ही नजर आ रहा था। लगभग 500 मीटर के इस समूचे परिसर में भक्तों की इतनी भारी भीड़ थी कि तिल धरने तक की जगह नहीं बची थी। प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच काशी की इस सांस्कृतिक धरोहर का यह पर्व पूरी दिव्यता के साथ संपन्न हुआ।