{"vars":{"id": "125128:4947"}}

काशी में मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, साल में एक बार खुलता है पट; जयकारों से गूंजा विश्वनाथ धाम

चैत्र नवरात्रि चतुर्थी पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन, भव्य शोभायात्रा निकली; प्रशासन ने सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम

 

वाराणसी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवरात्रि की चतुर्थी तिथि पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित मां श्रृंगार गौरी मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जिसके चलते हजारों की संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़े।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां श्रृंगार गौरी के दर्शन वर्ष में केवल एक बार ही आम श्रद्धालुओं को प्राप्त होते हैं। यही वजह रही कि सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

भोर से ही लगी लंबी कतारें, जयकारों से गूंजा माहौल

सुबह होते ही मैदागिन, चौक और गोदौलिया मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

हर-हर महादेव” और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा विश्वनाथ धाम भक्तिमय हो उठा।

भव्य शोभायात्रा ने बढ़ाया धार्मिक उत्साह

इस अवसर पर मैदागिन स्थित गुरु गोरक्षनाथ मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पीले और लाल परिधान में शामिल हुईं।
धर्म ध्वजा थामे श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए विश्वनाथ धाम तक पहुंचे।

महिलाएं हाथों में पूजन सामग्री और श्रृंगार के सामान लेकर चैती और पचरा गीतों का सामूहिक गायन करती रहीं, जिससे पूरे मार्ग में भक्ति का वातावरण बना रहा।

वादिनी महिलाएं भी शामिल हुईं दर्शन में

मां श्रृंगार गौरी के नियमित पूजा अधिकार को लेकर न्यायालय में पैरवी कर रहीं हिंदू पक्ष की चारों वादिनी महिलाएं भी इस अवसर पर दर्शन-पूजन में शामिल हुईं।

चाक-चौबंद सुरक्षा, प्रशासन रहा सतर्क

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।

  • बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
  • विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू
  • मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी

पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

श्रद्धालुओं को नहीं हुई कोई असुविधा

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन करने का अवसर मिला।
श्रद्धालुओं ने भी नियमों का पालन करते हुए सहयोग किया।

क्या है धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां श्रृंगार गौरी के दर्शन से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष इस विशेष अवसर पर देशभर से भक्त काशी पहुंचते हैं।