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रजत झूले पर विराजेंगे महादेव, बाबा विश्वनाथ को झूला झुलाएंगे काशीवासी
 

सपरिवार भक्तों को देंगे दर्शन, महंत आवास पर पंचबदन बाबा की चल प्रतिमा का हुआ हरियाली श्रृंगार
 

 

वाराणसी। श्रावण मास की पूर्णिमा पर काशीपुराधिपति रजत के झूले पर विराजमान होंगे। शहर के मंदिरों में जगह-जगह हरियाली श्रृंगार होगा और दरबार भी सजाया जाएगा। काशीवासी अपने आराध्य बाबा विश्वनाथ को झूला झुलाने की परंपरा भी निभाएंगे। इसके साथ ही सावन महीने के अनुष्ठान भी संपन्न हो जाएंगे। सावन की पूर्णिमा पर शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ का झूला श्रृंगार होगा। श्री काशी विश्वनाथ सपरिवार गर्भगृह में विराजमान होंगे और भक्त बाबा विश्वनाथ को झूला झूलाएंगे। गंगा स्नान के बाद भक्तों की कतार बाबा के धाम में लगेगी। सावन का अंतिम दिन होने के कारण जलाभिषेक के लिए भक्त बाबा के धाम पहुंचेंगे। इससे पूर्व पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरुवार को महंत आवास पर धेनुदुग्धम्: से अभिषेक कर पंचबदन बाबा की चल प्रतिमा किया गया हरियाली श्रृंगार किया गया। 


मंदिर के महंत पं• वाचस्पती तिवारी ने बताया शुक्रवार श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर बाबा की चल प्रतिमा का विश्वनाथ मंदिर में झुलनोत्सव किये जाने के पुर्व परंपरागत रुप से टेढ़ीनीम मंहत आवास पर गुरूवार को विशेष हरियाली श्रृंगार कर पुजन किया गया। शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा पर सायंकाल बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का राजसी श्रृंगार के बाद सांयकाल टेढ़ीनीम से मंदिर ले जाया जाएगा और गर्भगृह में परंपरागत रुप से झुले पर विराजमान कराकर बाबा का झुलनोत्सव होगा। मंहत वाचस्पति ने बताया श्रावण पूर्णिमा के पुर्व परंपरा के अनुसार टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा का ब्रह्ममुहूर्त में पं•सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्वमें 11 वैदिक ब्राम्हणों द्वारा विशेष पुजन किया गया । सायंकाल बाबा की पंचबदन प्रतिमा का संजीव रत्न मिश्र ने राजसी श्रृंगार और हरियाली श्रृंगार किया गया।