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Kashi Vishwanath Dham: काशी विश्वनाथ धाम में पूजी गईं माता अहिल्याबाई होल्कर, मंदिर न्यास ने किया भव्य अर्चन और आरती

प्रतिमा पर पुष्पार्पण और आरती से जीवंत हुई सनातन चेतना

 

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सनातन धर्म के पुनरोद्धार की प्रतीक श्रद्धेय माता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के पावन अवसर पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा धाम परिसर में माता का पुण्य स्मरण, विशेष अर्चन एवं आरती पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न की गई।

इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित माता अहिल्याबाई होल्कर की भव्य प्रतिमा पर न्यास के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर सनातन धर्म में उनके अतुल्य और ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

संकटपूर्ण इतिहास में माता अहिल्याबाई का योगदान अविस्मरणीय

पुष्पार्पण और श्रद्धास्मरण कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने माता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और सनातन संस्कृति के लिए किए गए उनके कार्यों पर प्रकाश डाला।

  • पुनरोद्धार की गाथा: वक्ताओं ने कहा कि सनातन लोकचेतना को स्फूर्त, ऊर्जावान और जीवंत रखने में माता अहिल्याबाई होल्कर का योगदान अप्रतिम है।

  • वर्तमान स्वरूप की आधारशिला: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अनेकानेक बार खंडन और पुनरोद्धार के संकटपूर्ण इतिहास गवाह है। मंदिर को उसका वर्तमान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वरूप देने का पूरा श्रेय माता अहिल्याबाई होल्कर को ही जाता है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

सनातन चेतना और महापुरुषों की गाथाओं को सहेजेगा न्यास

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने इस अवसर पर अपनी सांस्कृतिक प्राथमिकताओं को दोहराया। न्यास की ओर से संकल्प लिया गया कि वे सनातन धारा के महापुरुषों और महनीय मातृशक्ति की महान एवं प्रेरणादायी कथाओं को न केवल संरक्षित करेंगे, बल्कि उनका व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोकप्रचलित भी बनाएंगे।

न्यास का आधिकारिक संदेश: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सनातन प्रेरणापुंज को सदैव प्रज्वलित रखने हेतु कृतसंकल्प है। न्यास समाज में सनातन चेतना को जागृत रखने के अपने पावन दायित्व को अंगीकृत कर चुका है और इस दायित्व के सुचारू व निरंतर निर्वहन के लिए हमेशा सजग और तत्पर रहेगा।

इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में मंदिर न्यास के वरिष्ठ अधिकारीगण, अर्चक, सेवादार, सुरक्षाकर्मी तथा बाबा के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों शिवभक्त उपस्थित रहे। पूरा परिसर माता अहिल्याबाई और बाबा विश्वनाथ के जयकारों से गुंजायमान रहा।